डीजीपी डी एम अवस्थी ने आज वीडियो कॉफ्रेंसिंग में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को चिटफण्ड कंपनियों के संचालकों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने कहा। वीडियो कॉफ्रेंसिंग में जानकारी दी गई कि राजनांदगांव में चिटफण्ड कंपनी के संचालक प्रेम देवांगन की संपत्ति कुर्क कर 7 करोड़ 61 लाख से अधिक राशि शासन के खाते में जमा कर दी गई हैै। यह राशि निवेशकों को शीघ्र ही लौटाई जाएगी।इसी प्रकार बिलासपुर जिले में चिटफण्ड कंपनी के संचालक कमलेश सिंह की संपत्ति कुर्क कर 2 लाख 80 हजार की राशि निवेशक को प्रदान की गई है।

एजेंटों पर चल रहे प्रकरण वापस लें

अवस्थी ने निर्देश दिए कि चिटफण्ड कंपनियों के एजेंटों पर चल रहे प्रकरणों को न्यायालय के माध्यम से शीघ्र ही वापस लें। कंपनियों के संचालकों की संपत्तियां कुर्क कर निवेशकों को शीघ्र राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू करने कहा गया।
राज्य के सभी जिलों में कुल 38 प्रकरणों में 113 एजेंटों के नाम पृथक करने की कार्यवाही की गई है। इसमे से न्यायालय में विचाराधीन 33 प्रकरणों से 102 एजेंट और पुलिस के समक्ष विवेचनाधीन 5 प्रकरणों से 11 एजेंटों के नाम पृथक करने की कार्यवाही की गई है।

न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में रायपुर जिले में 16 प्रकरणों से 42 एजेंट, धमतरी जिले में 4 प्रकरणों से 7 एजेंट, महासमुन्द जिले में 3 प्रकरणों से 12 एजेंट, दुर्ग जिले में 11 एजेंट, बालोद जिले मेें 1 प्रकरण से 2 एजेंट, बिलासपुर जिले में 2 प्रकरण से 6 एजेंट, मुंगेली जिले से 1 एजेंट, जांजगीर जिले में 8 एजेंट और कोरबा जिले में 2 प्रकरणों से 6 एजेंट के नाम पृथक किये गये हैैं। पुलिस के समक्ष विवेचनाधीन प्रकरणों में से महासमुन्द जिले में 3 प्रकरणों में 9 एजेंट, बिलासपुर जिले में 2 प्रकरणों से 2 एजेंटों के नाम पृथक किये गये हैं।

इसी प्रकार बिलासपुर जिले में चिटफण्ड कंपनी के संचालक कमलेश सिंह की संपत्ति कुर्क कर 2 लाख 80 हजार की राशि निवेशक को प्रदान की गई है।

एजेंटों पर चल रहे प्रकरण वापस लें

अवस्थी ने निर्देश दिए कि चिटफण्ड कंपनियों के एजेंटों पर चल रहे प्रकरणों को न्यायालय के माध्यम से शीघ्र ही वापस लें। कंपनियों के संचालकों की संपत्तियां कुर्क कर निवेशकों को शीघ्र राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू करने कहा गया।
राज्य के सभी जिलों में कुल 38 प्रकरणों में 113 एजेंटों के नाम पृथक करने की कार्यवाही की गई है। इसमे से न्यायालय में विचाराधीन 33 प्रकरणों से 102 एजेंट और पुलिस के समक्ष विवेचनाधीन 5 प्रकरणों से 11 एजेंटों के नाम पृथक करने की कार्यवाही की गई है।

न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में रायपुर जिले में 16 प्रकरणों से 42 एजेंट, धमतरी जिले में 4 प्रकरणों से 7 एजेंट, महासमुन्द जिले में 3 प्रकरणों से 12 एजेंट, दुर्ग जिले में 11 एजेंट, बालोद जिले मेें 1 प्रकरण से 2 एजेंट, बिलासपुर जिले में 2 प्रकरण से 6 एजेंट, मुंगेली जिले से 1 एजेंट, जांजगीर जिले में 8 एजेंट और कोरबा जिले में 2 प्रकरणों से 6 एजेंट के नाम पृथक किये गये हैैं। पुलिस के समक्ष विवेचनाधीन प्रकरणों में से महासमुन्द जिले में 3 प्रकरणों में 9 एजेंट, बिलासपुर जिले में 2 प्रकरणों से 2 एजेंटों के नाम पृथक किये गये हैं।