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दीपक नगर वार्ड चुनाव – कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर, सुखवंत कौर को टिकट देकर कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव, पिछले 20 साल से काबिज भाजपा को इस बार कड़ी चुनौती

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सीजी न्यूज रिपोर्टर। दुर्ग

दीपक नगर वार्ड 23 में कांग्रेस ने सुखवंत कौर (रानी) को टिकट दी है। इस वार्ड में पिछले 20 साल से भाजपा खेमे से ही पार्षद निर्वाचित होते रहे हैं। इस बार सुखवंत कौर को टिकट देकर कांग्रेस ने बड़ा दांव खेल दिया है। सुखवंत कौर कांग्रेस में सक्रिय रही हैं लेकिन उनका पारिवारिक बैक ग्राउंड काफी मजबूत रहा है। सुखवंत कौर दुर्ग के प्रथम महापौर सुच्चा सिंह ढिल्लों की बहन हैं। ढिल्लो परिवार शुरू से कांग्रेस के चाणक्य वासुदेव चंद्राकर से राजनीतिक रूप से मजबूती से जुड़ा रहा है। सुखवंत कौर खुद सामाजिक क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रही हैं। इन कारणों से उन्हें टिकट देने का फैसला किया गया।

बहरहाल, सुखवंत कौर को टिकट मिलने से दीपक नगर का वोट समीकरण काफी बदल गया है। यहां से कांग्रेस की टिकट के लिए ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार पाली की पत्नी एकता पाली, शहर कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील भारद्वाज की पत्नी सरला भारद्वाज और सुखवंत कौर ने दावा किया था। सभी दावेदारों ने टिकट के लिए दावा करने से पहले ही तय कर लिया था कि टिकट चाहे जिसे मिले, पार्टी का काम ईंमानदारी से किया जाएगा। सुखवंत कौर को टिकट मिलने के बाद राजकुमार और सुशील अपने स्टैंड पर कायम हैं।

टिकट वितरण के बाद उनका यही कहना है कि सुखवंत कौर को जिताने के लिए ईमानदारी से काम करेंगे। उन्हें टिकट वितरण से कोई शिकवा नहीं है। यानी, तय हो गया है कि कांग्रेस यहां एकजुटता से चुनाव लड़ेगी। सूत्र बता रहे हैं कि पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, वार्ड के पूर्व पार्षद प्रताप मध्यानी सरीखे अनुभवी राजनेता भी सुखवंत कौर को सपोर्ट दे रहे हैं। वार्ड की महिलाएं भी बड़ी संख्या में सुखवंत कौर के साथ जुड़ रही हैं। यानी, नामांकन प्रक्रिया के शुरुआती दौर में ही उनके पक्ष में वार्ड में अच्छा खासा माहौल बन गया है।

दूसरी ओर, भाजपा ने प्रियंका जलकारे को टिकट दिया है। पिछले 5 साल से पार्षद रहे विजय जलकारे की वार्ड में लगातार सक्रियता और पर्यावरण प्रभारी (एमआईसी मेंबर) के रूप में किए गए कार्यों के साथ ही भाजपाई राजनीति में विजय की सक्रियता के कारण उनकी पत्नी को टिकट दिया गया है। एकदम सीधी-सरल प्रियंका ने अब तक सिर्फ पति विजय जलकारे के राजनीतिक कार्यक्रमों, चुनाव प्रचार में ही हिस्सा लिया है। इससे पहले वे राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं रही। बावजूद, विजय जलकारे की सक्रियता और वार्ड में किए गए विकास कार्यों का उन्हें चुनाव में फायदा मिलेगा।

कितना बदलेगा समीकरण ?      

भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही दीपक नगर में कयासों का दौर शुरू हो गया है। इस बार पार्षद चुनाव में भाजपा की फिर जीत होगी या समीकरण बदलेगा? इस पर चर्चा शुरू हो गई है। लोग यह मान रहे हैं कि दोनों दलों के प्रत्याशियों के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। दोनों प्रत्याशियों के पास चुनाव जीतने के लिए कई प्लस पाइंट हैं। अगले 15 दिनों तक चुनाव प्रचार के दौरान दीपक नगर का चुनावी सीन किस तरह बदलेगा? कितना बदलेगा? अभी यह कह पाना मुश्किल है। मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा, यह तय है।