Breaking News

Top News

बायकाट सीएए – बायकाट एनआरसी, भिलाई में हजारों ने किया शांतिपूर्वक प्रदर्शन, नेशनल ओबीसी फेडरेशन और बौद्ध समाज ने किया समर्थन

Share Now

एनआरसी और नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ भिलाई में विशाल प्रदर्शन किया गया। जुमे की नमाज के बाद सेक्टर 6 मस्जिद के सामने हुए प्रदर्शन में हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में सभी धर्मों के लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि धर्म के आधार पर नागरिकता देने का कानून देश के संविधान के खिलाफ है। इस कानून से पूरे देश में विरोध की आवाज गूंज रही है। इस कानून को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। मुस्लिम समाज के लोगों ने बिल के विरोध में बांह में काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज अदा की। मुस्लिम समाज के अलावा बौद्ध धर्म व पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान तिरंगा लहराकर देशभक्ति का परिचय दिया गया और काले गुब्बारे उड़ाकर एनआरसी और सीएए कानून पर विरोध जताया गया।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समाज के वक्ताओं ने कहा कि यह देश भाईचारे की मिसाल है। केंद्र सरकार के नागरिकता कानून और एनआरसी के कारण देश में डर का माहौल है। इस कानून को तत्काल वापस लेकर मुल्क में अमन का माहौल बनाने का काम होना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि ये लड़ाई किसी एक मजहब की लड़ाई नहीं है। ये देश को बचाने की लड़ाई है। सभी धर्मों के लोगों से इस लड़ाई में शामिल होने का आव्हान किया गया।

मुस्लिम समाज ने गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज करते हुए प्रदर्शन किया। जुमे की नमाज के बाद सेक्टर-6 स्थित ईदगाह मैदान में पहुंचे मुस्लिम समाज के हजारों नागरिकों ने एडीएम गजेंद्र सिंह ठाकुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बिल के विरोध में देश भर में जारी प्रदर्शन और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पर रोक लगाने केंद्र सरकार को निर्देशित करें। सीएए और एनआरसी का गांधीवादी तरीके से विरोध जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन को जामा मस्जिद सेक्टर-6 के पेश इमाम इकबाल अजीम, साबिक इमाम अजमलुद्दीन हैदर और कैंप दो के इमाम मुफ्ती कलीम अशरफी सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि एनआरसी और सीएए को लेकर देशभर में न सिर्फ अशांति का वातावरण बन गया है बल्कि इसकी वजह से विदेशों में भारत देश की छवि धूमिल हो रही है। जाति-धर्म आधारित इस बिल के विरोध में देश भर में जारी विरोध प्रदर्शन से यह अंदाज लगाया जा सकता है कि संविधान का आदर करने वाला देश का हरेक नागरिक एनआरसी और सीएए के विरोध में एक साथ क्यों खड़ा हो गया है। प्रोग्राम की निजामत करते हुए मौलाना गुलाम मोहीयुद्दीन ने कहा कि यह बिल भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है। प्रदर्शन में बौद्ध समाज के नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया।

दिन भर मुस्तैद रही पुलिस

भिलाई मुस्लिम समाज ने धरना-प्रदर्शन की सूचना एक दिन पहले जिला प्रशासन को दे दी थी जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि निकाय चुनाव को देखते हुए वे नमाज के बाद ईदगाह मैदान में इकट्ठा होकर मौन प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान किसी प्रकार की नारेबाजी नहीं की जाएगी। जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा। इसके बावजूद निकाय चुनाव और देश भर में हो रहे प्रदर्शन के कारण जिला प्रशासन ने एहतियाती तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।

उसके बाद ईदगाह मैदान में इकट्ठा होकर बिल के प्रति विरोध दर्ज कराते हुए एडीएम गजेंद्र सिंह ठाकुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन लेने एडीएम स्वयं मौके पर पहुंच गए थे। इस अवसर पर नेशनल ओबीसी फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरधर मढ़रिया, बौद्ध समाज के अनिल मेश्राम, जयप्रकाश, ब्राइट एसोसिएशन के बालेश्वर चौरे, कांग्रेस नेता प्रभाकर जनबंधु, अनिल मेश्राम, छमुमो एवं लोकतांत्रिक इस्पात एवं इंजीनियरिंग मजदूर यूनियन (लोइमु) से कलादास डेहरिया, जेपी नायर, मूल निवासी समाज से एल. उमाकांत, लक्ष्मीनारायण कुंभकार, मुस्लिम समाज के नूर मोहम्मद, एमएच सिद्दीकी, गफ्फार खान, सैलानी अशरफी, गुलाम सैलानी, हाजी कलाम, जकी अहमद, मुर्तुजा हुसैन, अमीर अहमद, जमील अहमद, अय्यूब खान, मोहम्मद इमरान खान, असीम अहमद, अजहर, इब्राहीम, अलीम, फखरुद्दीन, जफर अहमद, हाफिज खान, सुब्हान, शाहिद रज्जन, वहीदुल्लाह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।

इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगे

विरोध प्रदर्शन के दौरान हजारों की भीड़ ने इंकलाब-जिंदाबाद के नारे लगाए। डॉ. बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर मंच पर लाने पर इमाम इकबाल अंजुम हैदर ने उसे चूमा और कहा कि आज इनके बनाए संविधान की वजह से हम महफूज हैं। संविधान को बदलने की किसी भी कोशिश का सख्त विरोध होगा। वक्ताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।