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महापौर पद के चार दावेदार लामबंद, दिल्ली में वोरा से मिले, चारों में से किसी एक को महापौर प्रत्याशी बनाने की मांग की

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वोरा से आग्रह किया, वरिष्ठ पार्षद को ही बनाएं महापौर 

कोहले, महोबिया, खोखर, कमला शर्मा, महेश्वरी ठाकुर, नजहत परवीन, ऋषभ जैन भी हैं वरिष्ठ पार्षद, कर सकते हैं दावेदारी      

सीजी न्यूज डॉट कॉम

दुर्ग नगर निगम में महापौर पद के चार दावेदार अब एक राय हो गए हैं। चारों ने साफ कह दिया है कि वरिष्ठ पार्षदों में से किसी एक को ही महापौर बनाया जाना चाहिए। दिल्ली में कांग्रेस के प्रशासनिक महासचिव मोतीलाल वोरा से मिलकर चारों दावेदारों ने कहा है कि पहली बार चुने गए पार्षद को महापौर नहीं बनाया जाना चाहिए। महापौर पद के दावेदार मदन जैन, अब्दुल गनी, राजकुमार नारायणी और सत्यवती वर्मा ने वोरा से मुलाकात की है। चारों में से किसी एक को महापौर का प्रत्याशी बनाने पर चारों को स्वीकार  होगा।

चारों प्रमुख दावेदारों ने विधायक अरूण वोरा की पसंद कहे जा रहे पार्षद धीरज बाकलीवाल के खिलाफ लामबंदी की है। उन्होंने सीनियर वोरा से कहा है कि महापौर चुनाव के लिए वरिष्ठता का ध्यान रखा जाना चाहिए। पहली बार निर्वाचित पार्षद को महापौर प्रत्याशी बनाना उन्हें स्वीकार नहीं होगा। बता दें कि धीरज बाकलीवाल पहली बार पार्षद बने हैं और विधायक अरूण वोरा की पहली पसंद बताए जा रहे हैं। इस लामबंदी के बाद समीकरण उलझ गए हैं।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में कांग्रेस के प्रशासनिक महासचिव मोतीलाल वोरा के भतीजे शानू वोरा चारों दावेदारों से बातचीत करेंगे। शानू वोरा पिछले कई विधानसभा चुनाव में दुर्ग में सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस के सभी वरिष्ठ पार्षदों से उनके तालमेल काफी अच्छे हैं। सभी के साथ रहकर उन्होंने चुनाव का संचालन किया है। समझा जा रहा है कि चारों दावेदारों से चर्चा के बाद यह मामला सुलझ पाएगा। सूत्र बता रहे हैं कि प्रत्याशी चयन के मामले में वोरा कैंप के नाकाम रहने पर मुख्यमंत्री फैसला करेंगे।

वरिष्ठता आधार है तो कई और पार्षद भी दावेदार

अंदरखाने की खबरों के अनुसार महापौर पद के लिए प्रत्याशी चयन के मामले में नया पेंच आ गया है। चारों दावेदारों के लामबंद होने पर अब कई दूसरे कांग्रेस पार्षदों ने दावेदारी शुरू कर दी है। इन पार्षदों का कहना है कि सत्यवती वर्मा सिर्फ दो बार पार्षद चुनी गई हैं। राजकुमार नारायणी तीसरी बार पार्षद बने हैं। अब्दुल गनी तीसरी बार और मदन जैन चौथी बार पार्षद चुने गए हैं। अगर वरिष्ठता का ही ध्यान रखकर प्रत्याशी चयन करना है तो कई और दावेदार हैं। भोला महोबिया तीसरी बार पार्षद चुने गए हैं। कमला शर्मा, नजहत परवीन और महेश्वरी ठाकुर, जमुना साहू भी लगातार दूसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। कांग्रेस पार्षद संजय कोहले चौथी बार, हमीद खोखर तीसरी बार, ऋषभ जैन दूसरी बार पार्षद चुने गए हैं।

सभी पार्षदों ने हाईकमान पर फैसला छोड़ा तो लामबंदी क्यों

कई बार पार्षद चुने जाने के बावजूद अभी तक उन्होंने महापौर पद के लिए दावा नहीं किया बल्कि प्रत्याशी चयन का फैसला हाईकमान पर छोड़ दिया। इन पार्षदों का कहना है कि महापौर की दावेदारी करने वाले सिर्फ चार पार्षद सीनियर नहीं हैं। सभी वरिष्ठ पार्षदों की वरिष्ठता को ध्यान में रखकर महापौर प्रत्याशी का फैसला होना चाहिए। इधर, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विधायक अरूण वोरा ने शहर में कांग्रेस की कमान संभाली है। उनकी पसंद से ही टिकट वितरण किया गया है। महापौर पद के लिए प्रत्याशी का चयन सभी पार्षदों ने हाई कमान पर छोड़ा है। ऐसी हालत में चार दावेदारों का लामबंदी करना सरासर गलत है।