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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी दुर्ग में गौठान योजना का अता पता नहीं      

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फाइल फोटो – दुर्ग नगर निगम की सत्ता बदल गई लेकिन व्यवस्था नहीं बदली। विधायक अरूण वोरा ने 10 माह पहले गौठान का निर्माण अधूरा होने की तस्वीर दिखाई थी। शहर की सत्ता पर अब कांग्रेस का कब्जा होने के बावजूद गौठान की बदहाली का सीन नहीं बदला। 

  • भिलाई नगर निगम में एक साल पहले गौठान शुरू हो गया

  • पहले साल में लक्ष्य के अनुरूप 2 हजार गांवों में भी गौठान का संचालन

  • फैसला लेने में अक्षम है दुर्ग नगर निगम के जनप्रतिनिधि और अफसर

द सीजी न्यूज     

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना  का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री के गृह जिला मुख्यालय में ही नहीं हो रहा है। राज्य सरकार ने जनवरी 2019 में प्रदेश के लगभग 2 हजार से ज्यादा गांवों में गौठान का संचालन शुरू हो चुका है। कई नगरीय निकायों में गौठान निर्माण के बाद यहां मवेशियों को रखा जा रहा है। लेकिन, दुर्ग शहर में अभी तक गौठान योजना का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले गौठान योजना का संचालन गांव-गांव में शुरू हो चुका है। अनपढ़ या कम पढ़े लिखे ग्रामीण इस योजना का संचालन कर रहे हैं। वहीं, 3 सौ करोड़ सालाना बजट वाले दुर्ग नगर निगम में इस योजना को लेकर सिर्फ मीटिंग हो रही है। काम कुछ नहीं हो रहा। खास बात ये है कि दुर्ग नगर निगम में गौठान निर्माण पर करीब 33 लाख रूपए खर्च हो चुके हैं। निर्माण कार्य में गड़बड़ी की खबरें भी मिल रही हैं।

पड़ोस के भिलाई नगर निगम में करीब एक साल पहले गौठान का निर्माण पूरा कर लिया गया। यहां मवेशियों को रखने की व्यवस्था भी शुरू हो गई। दुर्ग नगर निगम में अभी तक बैठकों का दौर चल रहा है। कभी अफसरों की बैठक तो कभी सामाजिक संस्थाओं की बैठक। गौठान संचालन शुरू करने के दावों और तैयारियों का कुल नतीजा शून्य से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

बता दें कि महापौर का चुनाव होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने पहुंचे महापौर धीरज बाकलीवाल और निगम अध्यक्ष राजेश यादव को विधायक अरूण वोरा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने गौठान योजना शुरू करने की नसीहत दी थी। इसके अलावा मार्केट की व्यवस्था सुधारने, पार्किंग और यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए। नसीहत के बावजूद बीते 3 माह में सिर्फ बैठकें हो रही है। काम धेले भर का भी नहीं हुआ।

नगर निगम की पिछली परिषद ने गौठान का काम शुरू किया था। नई परिषद का गठन होने के बाद गौठान में पानी की व्यवस्था करने का काम हाल ही में पूरा किया गया है। फेंसिंग सहित पानी की टंकी सहित अन्य छोटे काम बाकी हैं। सामाजिक संस्थाएं गौठान का संचालन करने तैयार हैं। लेकिन, अब इसके संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन करने पर पेंच फंस गया है।

जाहिर है, निगम अफसर इस योजना को तत्काल शुरू करने की बजाय इसका संचालन शुरू करने में जानबूझकर लेटलतीफी कर रहे हैं। योजना कब शुरू हो पाएगी, यह बताने के लिए कोई भी अफसर तैयार नहीं है। निगम के ईई मोहन पुरी गोस्वामी का कहना है कि गौठान में बाउंड्रीवाल सहित अन्य निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। बारिश से मवेशियों को बचाने के लिए शेड का निर्माण जरूरी है। गौठान का संचालन करने के लिए सामाजिक संस्थाएं तैयार हैं। दुर्ग में बने गौठान को शीघ्र शुरू किया जाएगा।