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एसिड अटैक मामलों के अपराधियों की सजा बढ़ाने सरोज ने राज्यसभा में प्राइवेट मेंबर बिल प्रस्तुत किया

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द सीजी न्यूज
राज्यसभा सांसद व भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव सरोज पाण्डेय ने एसिड फेंकने वाले हमलों की बढ़ती संख्या को लेकर आज राज्यसभा में प्राइवेट मेंबर बिल प्रस्तुत किया। ऐसे मामलों में ज्यादा कठोर दंड देने का प्रावधान करने की मांग करते हुए भारतीय दंड संहिता (संशोधन) विधेयक, 2020 का प्रस्ताव लाने बिल प्रस्तुत किया गया है।
सांसद सरोज पाण्डेय ने प्रस्तुत विधेयक में बताया गया है कि एसिड फेंकने वाले हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एसिड फेंकना अत्यंत हिंसक अपराध है, अक्सर लड़कियों व महिलाओं के खिलाफ मन में घर कर चुकी ईर्ष्या या बदले की भावना से प्रेरित इस अपराध पर कड़ाई से रोक लगाने प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। एसिड हमले का पीड़ित के जीवन पर लंबे समय तक प्रभाव पड़ता है और वह अपने शेष जीवन में लगातार यातना, स्थायी क्षति और अन्य समस्याओं का सामना करता है। कुरूपता के कारण सामाजिक रूप से बहिष्कृत हो जाते हैं।

सरोज ने कहा कि 2013 तक, एसिड हमलों से जुड़े मामलों की संख्या का पता लगाने के लिए कोई स्पष्ट तंत्र नहीं था, क्योंकि भारतीय दंड संहिता ने इसे एक अलग अपराध के रूप में मान्यता नहीं दी थी। इन हमलों के अपराधियों को कड़ी सजा देने और हमले के पीड़ितों के मौद्रिक व आर्थिक पुनर्वास के लिए संशोधन की अत्यंत आवश्यकता है।
सांसद सरोज पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत भारतीय दंड संहिता (संशोधन) विधेयक, 2020 यह प्रस्तावित करता है कि भारतीय दंड संहिता अंतर्गत एसिड हमलों के लिए दंड की मात्रा अपर्याप्त है। इस दंड को बढ़ाया जाए। ज्यादा कठोर दंड देने का प्रावधान कर भारतीय दंड संहिता में संशोधन किया जाएं। ताकि, इस अपराध को अंजाम देने वालो के अंदर भय पैदा हो सके। ऐसे अपराधियों पर कठोर दंड देने के उपाय से लड़कियों व महिलाओं पर होने वाले एसिड हमलों पर अंकुश लग सके।