कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए हेल्थ विभाग की ओर से मास्क और हैंड सेनेटाइजर का उपयोग करने लगातार प्रचार किया जा रहा है। बढ़ती डिमांड के कारण देश के कई शहरों में इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। राजधानी रायपुर के कलेक्टर रायपुर डॉ. एस. भारतीदासन ने कालाबाजारी रोकने कड़े निर्देश दिए हैं।

भारत सरकार ने मास्क और हैंड-सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल किया है। इनकी कालाबाजारी रोकने के लिए कलेक्टर ने सभी जरूरी कदम उठानें के निर्देश दिए हैं। रायपुर के एसडीएम ने आज 6 टीमों का गठन किया। इन टीमों ने रायपुर शहर के कई मेडिकल स्टोर्स में मास्क और हैंड-सैनिटाइजर के स्टॉक की जांच की। उनके मूल्य की जांच भी की गई।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत हैंड सैनिटाइजर के साथ 2-प्लाई एवं 3-प्लाई सर्जिकल मास्क और एन-95 मास्क को शामिल किया गया है। एसडीएम ने बताया कि मास्क और हैंड-सैनिटाइजर की ज्यादा मूल्य पर बिक्री होेने की शिकायतें मिली थी। इन शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।