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सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की कड़ाई से मॉनिटरिंग होगी, सेनेटाईजर-मास्क की कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाएं, कोरोना के मरीजों के नाम-पते उजागर न करें – भूपेश

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  • राज्य आपदा प्रबंधन की बैठक ली, जिला कलेक्टरों-पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए निर्देश
  • स्कूल, विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित करने के निर्देश
  • चौपाटी, ब्यूटी पार्लर, स्पा, मॉल बंद रहेंगे, हॉस्टल, पीजी, वृद्धाश्रम और जेलों में आवाजाही सीमित करें

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में कोरोना वायरस से बचाव के लिए सतर्कता के सभी उपाय सुनिश्चित करने कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कहा कि सभी नगरीय क्षेत्रों में धारा 144 प्रभावशील किया जाए। यह ध्यान रखा जाए कि लोगों को विशेषकर गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले लोगों को राशन और दवाईयां मिले।

मुख्यमंत्री ने अफसरों से ये भी कहा –

  • कहीं पर भी ज्यादा भीड़ इकट्ठा न हो।
  • आंगनबाड़ी और मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम बंद किया गया है। बच्चों को खाद्य सामग्री घर पहुंचाकर दिया जाए।
  • सभी ट्रेनिंग प्रोग्राम रद्द करने और परीक्षाएं स्थगित करें। सीजी बोर्ड की परीक्षाए स्थगित कर दें।
  • रेल्वे अधिकारी राज्य के महत्वपूर्ण रेल्वे स्टेशनों में आवाजाही ज्यादा होने पर कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने जरूरी व्यवस्था करें।
  • सीआरपीएफ के अधिकारी कैम्पों में सावधानी और सतर्कता बरतें। सीआरपीएफ के डॉक्टरों और जवानों की जरूरत इन कार्यों के लिए पड़ेगी।
  • एयरपोर्ट और रेल्वे स्टेशनों में विदेश से लौटने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के साथ ही जिला प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराएं।
  • सड़क मार्ग से आने वालों की स्क्रीनिंग सीमावर्ती चेक पोस्ट पर करें।
  • अंतर्राज्यीय बसों पर रोक लगाने के साथ ही राज्य के अंदर संचालित बसों में ओव्हर क्राउडिंग न हो। नियमित रूप से बसों के डिसइनफेक्शन की कार्यवाही करें।
  • यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं स्थगित करें।
  • पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, परिवहन सहित सभी अधिकारी, कर्मचारियों के अवकाश निरस्त करें।
  • स्पा, ब्यूटी पार्लर, मॉल, डिपार्टमेन्टल स्टोर, चौपाटी, स्वीमिंग पुल, लाइब्रेरी, कोचिंग सेन्टर जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों को तत्काल बंद कराएं।
  • रैली, सभा, आयोजन आदि को हतोत्साहित करें।
  • वाट्सएप सहित सोशल मीडिया पर चलने वाले फेक न्यूज पर रोक लगाएं।
  • शादी समारोह घरों में आयोजित करने लोगों को समझाईश दें।
  • कोरोना वायरस के मरीजों के नाम और पते को उजागर न किए जाएं। जिलों में क्वारेन्टाइन सेन्टर के लिए जगह का चिन्हांकन करें।
  • विदेशों और बड़े शहरों से आ रहे लोगों की जानकारी रखें।
  • काम की तलाश में अन्य राज्यों में जाने वाले छत्तीसगढ़ के लोगों के लौटने पर जानकारी पंचायत सचिवों और कोटवारों को देना सुनिश्चित करें।
  • मास्क और सेनेटाईजर की कालाबाजारी करने वाले लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें।
  • जेलों में मुलाकातियों की संख्या सीमित करें। ग्लास बेरियर के माध्यम से बातचीत की सुविधा दी जाए। पेरोल से लौटने वाले कैदियों को 14 दिन के आइसोलेशन में रखें।
  • वृद्धा आश्रम में मुलाकात करने वाले की संख्या कम से कम रखें।
  • कलेक्टरेट में कम से कम बैठक आयोजित करें। जरूरत पड़ने पर सीमित लोगों को बैठक में बुलाए।
  • वेबकास्टिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फेसबुक के माध्यम से सम्पर्क कर जरूरी निर्देश दिए जाए।
    – जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों, विधायक, महापैार, जिला पंचायत, जनपद अध्यक्ष के बंगलों में लोगों की सभाएं न हो।
  • सभी जिलों में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय कोर कमेटी के समान जिला कोर कमेटी का गठन करें।
  • कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए टीम का गठन कर लिया जाए। इसके लिए स्कूल शिक्षा, महिला बाल विकास, नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को लें।
  • क्वारेन्टाइन सेन्टर का संचालन करते समय वहां सुरक्षा बल तैनात किए जाए।
    – कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए रायगढ़ और जगदलपुर में कोरोना वायरस परीक्षण के लिए लैब की व्यवस्था करें।
  • सभी प्रकार के प्रशिक्षण स्थगित रखें।
  • मुख्यमंत्री ने क्वारेन्टाइन सेन्टर और कोरोना परीक्षण से जुड़े स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष भत्ता दें।
  • कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के उपचार के दौरान स्वास्थ्यकर्मी से अच्छा व्यवहार करें, इसका ध्यान रखें।

सिंहदेव ने कोरोना वायरस से बचाव कार्यों में सीआरपीएफ में पदस्थ डॉक्टरों व स्टॉफ की सेवाएं लेने का सुझाव दिया

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोरोना वायरस के बचाव के कार्यों में सीआरपीएफ में पदस्थ डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की सेवाएं लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि क्वारेन्टाइन सेन्टरों में सुरक्षा बलों की ड्यूटी लगाई जा सकती है। एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागलकर ने बताया कि एम्स में आइसोलेशन वार्ड और डायग्नोस्टिक लैब की व्यवस्था है। पुलिस महानिदेशक डी एम अवस्थी ने पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के दौरान सतर्कता से काम करने की हिदायत दी। बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, मुख्य सचिव आरपी मण्डल, अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास गौरव द्विवेदी, स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।