राज्य शासन ने मीडिया, समाचार पत्रों और सोशल मीडिया से नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के संबंध में संतुलित, तथ्यपरक और पुष्ट समाचार जारी करने का आग्रह किया था। इसके बावजूद कई व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा अवांछित समाचार प्रकाशित व प्रसारित करने की शिकायतें मिल रही हैं। ‘राज्य स्तरीय फे़क न्यूज नियंत्रण एवं विशेष माॅनिटरिंग सेल‘ ने इन खबरों को गंभीरता से लिया है।
प्रदेश के विभिन्न स्थानों से ऐसी खबरें जारी हो रही हैं, जिससे जनमानस में भ्रम या दहशत का वातावरण बन रहा है। लोग उसकी पुष्टि के लिए सम्पर्क कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी कई खबरों को फे़क न्यूज बताया है। राज्य शासन द्वारा गठित ‘राज्य स्तरीय फे़क न्यूज नियंत्रण एवं विशेष माॅनिटरिंग सेल‘ ने अपील की है कि समाचार माध्यम और वेबसाइट आदि ऐसी कोई भी खबर प्रकाशित या प्रसारित न करें।
विभिन्न माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट खबरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के पर्याप्त प्रावधान हैं। सोशल मीडिया में भी गलत भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री पोस्ट करने पर इन्फारमेशन टेक्नालाॅजी एक्ट की धारा 2(1) व इन्फारमेंशन टेक्नालाॅजी एक्ट की धारा 79 के अन्तर्गत इन्टरमीडिएटरी गाइडलाइन के तहत कार्यवाही की जा सकती है। इन धाराओं में व्यापक जनहित को प्रभावित करने के लिए होस्ट, डिस्प्ले, अपलोड, मोडिफाई, पब्लिश, ट्रांसमिट, अपडेट, शेयर करने की गतिविधियाँ भी गैर-कानूनी मानी गई हैं।