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लॉक डाऊन : कंफ्यूजन है तो दोबारा पढ़ लीजिये प्रशासन के निर्देश, जिले से बाहर जाने थाने में जमा करना होगा आवेदन

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द सीजी न्यूज   

कोरोना वायरस (कोविड-19) एक संक्रामक बीमारी है। इससे भारत समेत पूरे विश्व के देशों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। डॉक्टरों ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के सम्पर्क से पीड़ित, संदेही से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। छत्तीसगढ़ शासन ने इससे बचने के सभी संभावित उपायों को अमल में लाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद लोगों को शासन के निर्देशों को लेकर कंफ्यूजन हो रहा है।

इसी कंफ्यूजन के कारण कई आवश्यक सामग्री की बिक्री करने वाले संस्थान बंद पड़े हैं वहीं प्रतिबंधित व्यवसायिक संस्थान खुल रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए दुर्ग जिला प्रशासन ने सभी निर्देशों को दोबारा जारी किया है। प्रशासन के निर्देश में कहा गया है कि जिला दुर्ग की समस्त सीमा क्षेत्र के दायरे में संक्रमण से बचाव व स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने 31 मार्च को रात 12 बजे तक पूर्ण  तालाबंदी (लाॅकडाउन) किया जाता है।

दुर्ग जिले की सीमा क्षेत्र के अंतर्गत इन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है।

  • जिले के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाता है। सभी पदाधिकारी और कर्मी अपने घर से सरकारी कार्य करेंगे। वे मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर कार्यालय प्रमुख उन्हें कार्यालय में बुला सकेंगे
  • जिले में सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं – निजी बसें, टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, बसें, ई-रिक्शा नहीं चलेंगे। केवल इमरजेंसी मेडिकल सेवा वाले व्यक्तियों को वाहन से आवागमन की अनुमति दी जाएगी। आवश्यक वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन व  परिवहन का काम करने वाले निजी वाहनों को परिवहन की छूट रहेगी।
  • आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के आवागमन को छोड़कर जिले की सभी सीमाओं को द्वारा सील किया जाता है। सड़क, रेल और अन्य माध्यम से जिले में बाहरी लोगों के आवागमन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाता है।
  • दुर्ग जिले में निवासरत नागरिकों को जिले की सीमा से बाहर जाने पर प्रतिबंधित किया जाता है।
  • सभी दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, कार्यालय, फैक्ट्री, गोदाम, साप्ताहिक हाट-बाजार अपनी सम्पूर्ण गतिविधियों को बंद रखेंगे।
  • जिले में दवा उत्पादन से संबंधित औद्योगिक, व्यापारिक संस्थानों को प्रतिबंध से छूट रहेगी।
  • खाद्य व खाद्य से संबंधित पदार्थों, दूध व इससे बने डेयरी प्रोडक्ट को भी इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। प्रतिबंध से छूट पाने वाले संस्थान कम से कम कर्मचारियों, अधिकारियों से काम कराएंगे। संक्रमण के फैलाव को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन द्वारा महामारी से सुरक्षा के निर्देशों का अक्षरशः पालन करना होगा। इन इकाईयों के कर्मचारियों को सामूहिक परिवहन सुविधा किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी।
  • सभी प्रकार के निर्माण व श्रम कार्य (सिर्फ मनरेगा को छोड़कर) तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक बंद रहेंगे।
  • सभी धार्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे।
  • विदेश से आने वाले सभी नागरिक या अन्य राज्यों से आए नागरिक (होम क्वारेंटाइन की निगरानी में रखे गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा निर्धारित क्वारेंटाइन की अवधि का कड़ाई से पालन करेंगे। इसमें चूक होने पर उनके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
  • सभी नागरिक अपने घर में ही रहेंगे। बुनियादी जरूरतों के लिए बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
  • किसी भी स्थिति में एक से ज्यादा व्यक्ति (इसमें ड्रायवर भी शामिल है) को घर से बाहर जाने से प्रतिबंध रहेगा।
  • घर से बाहर जाने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से अपना वैध पहचान पत्र साथ में रखना होगा।
  • आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले कार्यालय या प्रतिष्ठानों को प्रतिबंधों से बाहर रखा जाता है।
  • ये कार्यालय प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे यानी खुलेंगे। आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक (शहर/ग्रामीण) कोषालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय व उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना व चौकी।
  • ये सेवाएं प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे – केन्द्रीय कार्यालय, कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी, स्वास्थ्य सेवाएं (जिसके अंतर्गत सभी अस्पताल, मेडिकल कालेज, लायसेंस प्राप्त पंजीकृत क्लीनिक भी शामिल हैं), दवा दुकान, चश्मे की दुकान व दवा उत्पादन की इकाई व परिवहन, खा़द्य आपूर्ति से संबंधित परिवहन सेवाएं, उचित मूल्य की दुकान (सार्वजनिक वितरण प्रणाली), खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, चिकन, मटन, मछली व अंडा के विक्रय, वितरण, भंडारण, परिवहन की गतिविधियां भी प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। मिल्क प्लांट, घर पर जाकर दूध बांटने वाले दूध विक्रेता व न्यूज पेपर हाॅकर सुबह 6ः30 बजे से 9ः30 बजे तक लाॅकडाउन से मुक्त रहेंगे।
  • ये सेवाएं चालू रहेंगी – मास्क, सेनेटाईजर, दवाईयां, एटीएम, वाहन, व अन्य आवश्यक वस्तुएं का  परिवहन करने वाले वाहन, बिजली, पेयजल सप्लाई व नगर पालिका सेवाएं, जेल, अग्निशमन सेवाएं, एटीएम, टेलीकाॅम, इंटरनेट सेवाएं, आईटी आधारित सेवाएं, मोबाईल रिचार्ज व सर्विसेस दुकानें, पेट्रोल, डीजल पंप, एलपीजी, सीएनजी गैस के परिवहन व भंडारण की गतिविधियां, पशु चारा, पोस्टल सेवाएं, खाद्य, दवा व चिकित्सा उपकरण सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की ई-कामर्स आपूर्ति, टेक अवे, होम डिलीवरी रेस्टोरेंट, पूर्व से विभिन्न होटलों में रूके हुए अतिथियों के लिए डायनिंग सेवाएं प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
  • ये संस्थान खुलेंगे – सुरक्षा कार्य में लगी सभी एजेंसियां (निजी एजेंसियों सहित), अनवरत उत्पादन प्रक्रिया अपनाने वाले औद्योगिक संस्थान या फैक्ट्री (जिसमें ब्लास्ट फर्नेस, बॉयलर आदि), सीमेंट, स्टील, शक्कर, फर्टिलाईजर व माईन्स। ये सभी संस्थान न्यूनतम अनिवार्य आवश्यकता तक ही कर्मचारियों,  अधिकारियों का उपयोग करेंगे। संक्रमण रोकने भारत सरकार, राज्य शासन के निर्देशों का पालन करना होगा।
  • प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया सहित राज्य सरकार द्वारा विशेष आदेश से निर्धारित  सेवाएं भी चालू रहेंगी।
  • दुर्ग जिले की सीमा क्षेत्र में स्थित सभी शासकीय व अशासकीय बैंकों में न्यूनतम अनिवार्य आवश्यकता के लिए कर्मचारियों/अधिकारियों का उपयोग किया जाएगा। इन संस्थानों में महामारी से सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देशों का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। सभी बैंक अपने संस्थान में एक समय में अधिकतम पांच ग्राहकों को ही प्रवेश देंगे। बैंक प्रबंधन एटीएम में पर्याप्त मात्रा में मुद्रा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
  • अगर किसी व्यक्ति को बेहद आवश्यक कारणों से जिले से बाहर जाना या आना जरूरी होने पर संबंधित थाना क्षेत्र से निर्धारित फार्मेट में आवेदन जमा करने के बाद ही अनुमति दी जाएगी।
  • आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, प्रतिष्ठान, भारतीय दंड संहिता, 1860 के धारा 188 के तहत दण्डनीय होंगे।