- सार्वजनिक स्थलों में रात में अलाव जलाने और बेसहारा, जरूरतमंदों को कम्बल व गर्म कपड़े की व्यवस्था करने कहा
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीत लहर के प्रकोप को देखते हुए जरूरतमंदों के लिए कलेक्टरों को जिलों में आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को सार्वजनिक स्थलों विशेषकर चौक-चौराहों, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय आदि में रात्रि के समय अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही स्वयंसेवी, समाजसेवी संस्थाओं, दान-दाताओं की मदद से बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े और कम्बल वितरण कराने कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीत लहर के प्रकोप के चलते जरूरतमंदों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा शीत लहर के प्रकोप को देखते हुए जनसामान्य को शीत-घात से बचने के लिए सामयिक सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को शीत-घात से बचने के लिए एहतियात के तौर पर भोजन, पानी, ईधन, बैटरी चार्जर, आपातकालीन प्रकाश और साधारण दवाओं की व्यवस्था करने की सलाह दी है। शीत के प्रकोप से बचने के लिए लोगों को गर्म कपड़े, कम्बल आदि का उपयोग करने, खिड़की-दरवाजें अच्छी तरह से बंद रखने और आवश्यकतानुसार सुरक्षित तरीके से अलाव की व्यवस्था करने कहा गया है।
घर से बाहर निकलते समय नाक, कान और मुंह को अच्छी तरह से ढक कर रखने की सलाह दी गई है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार रूम हीटर का उपयोग करते समय पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखने कहा गया है। कमरों को गर्म करने के लिए कोयले का प्रयोग न करने और कोयले व लकड़ी को जलाना आवश्यक होने पर उचित चिमनी का प्रयोग करने कहा गया है। बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है, इस गैस से किसी की भी जान जा सकती है।
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