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ब्रेकिंग : सीएम ने हेल्थ मिनिस्टर को बर्खास्त किया : 1 परसेंट कमीशन मांगने की रिकॉर्डिंग के आधार पर लिया एक्शन : मंत्री और ओएसडी गिरफ्तार

  • 28 मार्च को कहा था – करप्शन बर्दाश्त नहीं : 57 दिन बाद भ्रष्टाचार के मामले में हुई कार्रवाई 
द सीजी न्यूज 

पंजाब का स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए विजय सिंगला ने 28 मार्च को कहा था कि वे भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने करप्शन पर जीरो टॉलरेंस का दावा भी किया था। इस बयान के ठीक 57 दिन बाद यानी 24 मई को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने करप्शन के मामले में ही उन्हें पद से हटा दिया।

सीएम ने खुद करप्शन की जांच की

सिंगला के भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंचने के बाद उन्होंने गुपचुप तरीके से इसकी जांच कराई। अफसरों से पूछताछ की। फिर मंत्री सिंगला को तलब किया गया। मंत्री ने गलती मान ली। इसके बाद उन्हें बर्खास्त किया गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीएम भगवंत मान की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्हें इस फैसले पर गर्व है।

भ्रष्टाचार की पूरी कहानी
एफआईआर के मुताबिक एसई राजिंदर सिंह ने केस दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि वह पंजाब हेल्थ सिस्टम कार्पोरेशन में फेज 8 में बतौर निगरानी इंजीनियर तैनात हैं। एक महीने पहले उन्हें हेल्थ मिनिस्टर विजय सिंगला के ओएसडी प्रदीप कुमार ने पंजाब भवन के कमरा नंबर 203 में बुलाया। यहां पर मंत्री विजय सिंगला और ओएसडी प्रदीप कुमार मौजूद थे। मंत्री सिंगला ने मुझे कहा कि प्रदीप कुमार जो बात करेगा, उसे समझना कि मैं ही बात कर रहा हूं। मैं जल्दी में हूं और जा रहा हूं।

इसके बाद प्रदीप कुमार ने मुझे कहा कि तुम्हारी तरफ से 41 करोड़ के कंस्ट्रक्शन वर्क की अलॉटमेंट जारी की गई है। इसके अलावा मार्च महीने में ठेकेदारों को 17 करोड़ की पेमेंट की गई है। इस तरह कुल 58 करोड़ रकम का 2% कमीशन 1.16 करोड़ बतौर रिश्वत दिया जाए।

राजिंदर ने उन्हें कहा कि वे यह काम नहीं कर सकते। उन्हें बेशक मूल विभाग में वापस भेज दिया जाए क्योंकि वे डेपुटेशन पर हेल्थ विभाग में आये थे। इसके बाद प्रदीप कुमार ने 8 मई, 10 मई, 12 मई, 13 मई और 23 मई को वॉट्सऐप पर कॉल की। बार-बार बुलाकर रिश्वत की मांग की गई। धमकी दी गई कि अगर रिश्वत नहीं दी तो करियर खराब कर देंगे। डिपार्टमेंट में मेरा नुकसान कर देंगे।

राजिंदर ने गुजारिश की कि 30 नवंबर 2022 को उनकी रिटायरमेंट है। करियर खराब न करो। मूल विभाग में वापस भेज दो। जो अफसर रिश्वत दे सके, उसे डेपुटेशन पर ले आओ। आखिर में उन्होंने 20 मई को कहा कि 10 लाख रुपए दे देना। आगे से जो भी काम अलॉट होगा या ठेकेदार को पेमेंट होगी तो उसमें से 1% रख लेना। इससे भी राजिंदर ने इनकार कर दिया। पुलिस ने मंत्री विजय सिंगला और ओएसडी प्रदीप कुमार पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7 और 8 के तहत केस दर्ज किया है।

CM के स्टिंग में फंसे सिंगला, 10 दिन में एक्शन

पंजाब पुलिस के विजिलेंस विंग ने मंत्री सिंगला के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसके मुताबिक मंत्री और उनके करीबियों ने टेंडर में 1% कमीशन की मांग की थी। अफसर ने इसकी शिकायत सीएम भगवंत मान को की। 14 मई को सीएम मान के पास इसके बारे में जानकारी पहुंची। इसके बाद मान ने अफसर को भरोसे में लिया। कमीशन मांगने की रिकॉर्डिंग कराई गई। मंत्री और उनके करीबियों की कमीशन मांगने की रिकॉर्डिंग होने के बाद मंत्री को बुलाकर मान ने उनके सामने यह सबूत रख दिए और मंत्री ने गलती कबूल कर ली।

‘शुक्राना’ के नाम पर मांगा था कमीशन

मंत्री विजय सिंगला ने टेंडर के बदले शुक्राना के नाम पर कमीशन मांगा था। बठिंडा के ठेकेदार से यह शुक्राना मांगा गया था। पंजाब पुलिस के विजिलेंस ब्यूरो ने अब इस मामले में सिंगला के साथ कमीशनखोरी में शामिल रिश्तेदारों और करीबियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। विजिलेंस सिंगला के सवा 2 महीने के कार्यकाल में अब सारे प्रोजेक्टों की लिस्ट तैयार कर रही है। कहीं किसी में कोई कमीशन की बात तो नहीं है।

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