- डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता एवं सतर्कता अत्यंत आवश्यक : रामविचार नेताम
- कृषि विश्वविद्यालय के अध्यापकों और विद्यार्थियों ने सीखे साइबर अपराध तथा साइबर ठगी से बचाव के तरीके
- छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में साइबर जागृति अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित
THE CG NEWS
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज यहां छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर क्राइम के संबंध में जन जागरूकता उत्पन्न करने हेतु संचालित “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन में कृषि विकास, किसान कल्याण तथा आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों द्वारा कृषि विश्वविद्यालय के प्रध्यापकों एवं विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के विभिन्न पहलुओं, साइबर ठगी के विविध रूपों तथा इनसे सुरक्षा हेतु अपनाए जाने वाले एहतियातों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा राज्य में साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक “साइबर जागृति अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थियों, बैंक खाता धारकों, आम नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों आदि को साइबर अपराध तथा उससे बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि रामविचार नेताम ने कहा कि पूरे देश में साइबर अपराध एवं साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता एवं सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से साइबर अपराध, साइबर ठगी तथा इससे बचाव हेतु जागरूक एवं सतर्क रहने का आव्हान किया।
पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि देश में साइबर अपराध एवं ठगी के मामलों में पिछले चार सालों में 12 गुना वृद्धि हुई है जबकि इसी दौरान ठगी की राशि में 40 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार आज देश में प्रतिदिन 61 करोड़ रूपये की साइबर ठगी की जा रही है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग, ठगी के नित नए तरीके ईजाद कर रहे हैं इसलिए लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा इसी बात को ध्यान में रखते हुए छः सप्ताह का साइबर जागृति अभियान संचालित किया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान रायपुर पुलिस के अधिकारियों द्वारा साइबर अपराध, साइबर ठगी तथा इससे बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डिजिटल युग में ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया, डिजिटल भुगतान एवं अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के मामले भी सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी नौकरी एवं निवेश योजनाओं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास करते हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, पासवर्ड अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा अनजान कॉल या संदेशों के माध्यम से प्राप्त प्रलोभनों एवं धमकियों पर विश्वास न करें। साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में नागरिकों से तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
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