द सीजी न्यूज
रायपुर। 870 प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए पुलिस सेवा में सतत अध्ययन, विधिक जागरूकता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के महत्व पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी को ज्ञान, तकनीकी दक्षता और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलन के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे स्वयं को निरंतर अद्यतन रखें, विधिक प्रावधानों की गहन समझ विकसित करें तथा जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पुलिस बल में नेतृत्व क्षमता और बौद्धिक परिपक्वता ही प्रभावी कानून व्यवस्था की आधारशिला है।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। उन्होंने भारत में पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास, वर्तमान चुनौतियों और आधुनिक पुलिसिंग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता व तकनीकी दक्षता के साथ सेवा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय पर विशेष बल देते हुए कहा कि आपदा, दुर्घटना, महामारी व आपातकालीन परिस्थितियों में दोनों विभागों का संयुक्त प्रयास नागरिकों के जीवन की रक्षा करता है। कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा को राष्ट्रसेवा का आदर्श उदाहरण बताया। प्रशिक्षुओं को शारीरिक, मानसिक व नैतिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने का संदेश दिया।

870 प्रशिक्षु अधिकारी होंगे लाभान्वित
यह संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अकादमी चंदखुरी में प्रशिक्षणरत 537 उप निरीक्षक संवर्ग व पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना में प्रशिक्षणरत 54 सूबेदार, 211 प्लाटून कमांडर और 68 उप निरीक्षक (एसबी) सहित कुल 870 प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है।
इनका बुनियादी प्रशिक्षण 3 मार्च 2025 को प्रारंभ हुआ था, जो अब अंतिम चरण में है। वर्तमान में अंतिम परीक्षा संचालित की जा रही है और परीक्षा के बाद इन्हें एक वर्ष के जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया जाएगा।
शासन के मार्गदर्शन में अभिनव पहल
इस कार्यक्रम की रूपरेखा उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इस पहल के अंतर्गत प्रदेश के मंत्रीगण प्रशिक्षणरत अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद कर प्रशासनिक दृष्टिकोण, नीतिगत समझ एवं जनसेवा के मूल्यों पर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
कार्यक्रम में अजय यादव, निदेशक, नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला, पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिंज, उप पुलिस अधीक्षक इरफान काजी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
निदेशक अजय यादव ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवहारिक, प्रेरणादायक व जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव, संवेदनशीलता और सुशासन के मूल्यों को सुदृढ़ करना है, ताकि वे भविष्य में प्रदेश की कानून व्यवस्था को अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं जनविश्वासयुक्त बना सकें।
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