
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश के कारण वहां घूमने गए भिलाई के 55 टूरिस्ट फंस गए हैं। लगातार तेज बारिश के कारण कसौली से नैनीताल के बीच कैंची धाम के पास टूरिस्ट फंसे हुए हैं। जानकारी के अनुसार तेज बारिश और भूस्खलन के कारण टूरिस्ट वहीं फंस गए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन और दुर्ग के कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे को उत्तराखंड में फंसे टूरिस्टों की सहायता करने के निर्देश दिए हैं। वे उत्तराखंड प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं।
जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव स्तर पर भी उत्तराखंड के वरिष्ठ अफसरों से संपर्क किया गया है। राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी फंसे लोगों से संपर्क करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। भिलाई के टूरिस्टों की जल्द से जल्द मदद कर वहां से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार लगातार उत्तराखंड प्रबंधन से संपर्क में है। दुर्ग कलेक्टर डॉ. एसएन भूरे ने बताया कि सभी 55 टूरिस्ट सुरक्षित हैं। नैनीताल के कलेक्टर से बात करके सभी को वहां एक स्कूल में शिफ्ट कराया गया है। इधर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यात्रियों को निकालने के लिए मुख्य सचिव और दुर्ग कलेक्टर को हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि वे उनकी सुरक्षित वापसी के लिए उत्तराखंड प्रशासन के सम्पर्क में रहें।
भिलाई से 14 अक्टूबर को 55 लोग उत्तराखंड घूमने के लिए गए थे। सभी टूरिस्ट नैनीताल व आसपास के क्षेत्र में तीन दिनों से हो रही भारी बारिश और भूस्खलन में फंस गए। बताया जा रहा है कि सभी टूरिस्ट कसौली से नैनीताल के बीच कैंची धाम के पास फंसे हुए हैं। दुर्ग के कलेक्टर ने नैनीताल और कसौली के अधिकारियों से चर्चा कर पूरी जानकारी ली है। दुर्ग कलेक्टर के मुताबिक भिलाई से गए सभी टूरिस्ट सुरक्षित हैं। किसी को कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। सभी टूरिस्ट को एक स्कूल में ठहरा दिया गया है। बारिश रुकने और रास्ता साफ होने पर सभी लोग सुरक्षित अपने घर पहुंच जाएंगे।
नैनीताल लौटते समय बारिश में फंस गए
सिंपलेक्स कास्टिंग कंपनी में काम करने वाले सिंधिया नगर भिलाई के निवासी प्रसनजीत दास की पत्नी सुमन (49 वर्ष) बेटी रितिका (24 साल) और दीशिका (14 साल) सेक्टर 8 में रूही मिश्रा से एरोबिक्स सीखते हैं। वहां आने वाले लोगों के साथ मिलकर नैनीताल घूमने का प्लान बनाया गया। 14 अक्टूबर को 44 महिलाएं व 7 पुरूष और 4 बच्चे सहित 55 लोग घूमने निकले। सभी 14 को दुर्ग स्टेशन से राजधानी एक्सप्रेस में बैठकर दिल्ली पहुंचे। वहां से बस से यात्रा कर 15 अक्टूबर को नैनीताल घूमने निकले। नैनीताल घूमने के बाद अगले दिन कसौली गए। कसौली से वापस नैनीताल आते समय रास्ते में कैंची धाम के पास तेज बारिश में सभी लोग फंस गए। उन्हें एक छोटे से स्कूल में शिफ्ट कराया गया है। बारिश और भूस्खलन के कारण कई लोगों को हल्की-फुल्की चोटें भी आई हैं।
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