
- दुर्ग में लोगों को रोजगार मिलेगा : वनांचल में बढ़ेंगे आर्थिक आय के अवसर – भूपेश बघेल
- प्रोसेसिंग यूनिट से होने वाले लाभ का बोनस संग्राहकों को मिलेगा
- 52 वनोपजों का होगा प्रसंस्करण
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पाटन ब्लाक के जामगांव एम ग्राम में आयुर्वेदिक औषधि इकाई और केंद्रीय प्रसंस्करण यूनिट का भूमिपूजन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोसेसिंग यूनिट आरंभ होने से 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वनोपज संग्राहकों को अपने वनोपज के लिए बेहतर आय का अवसर भी मिलेगा। यूनिट से होने वाले लाभ को संग्राहकों के बीच बोनस के रूप में साझा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहा, कोयला जैसे प्राकृतिक संसाधन समाप्त हो सकते हैं, लेकिन वनोपज कभी समाप्त नहीं हो सकते। इसलिए जामगांव की प्रोसेसिंग यूनिट हमेशा चलेगी और संग्राहकों और प्रसंस्करण में लगे अनेक लोगों को आर्थिक संभावनाओं के नए अवसर मिलते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की तराई के बाद छत्तीसगढ़ की भूमि ही एकमात्र ऐसी भूमि है, जहां औषधि पौधों के लिए बेहतरीन संभावनाएं हैं। दुर्भाग्य से इनके प्रसंस्करण के क्षेत्र में अब तक कोई कार्य नहीं हो पाया था। इसके कारण संग्राहकों को उचित कीमत नहीं मिल पा रही थी। अब यह यूनिट शुरू होने से लोगों को कई नए लाभ मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांकेर में सीताफल का पल्प यूनिट लगाया गया है। कोंडागांव का तिखुर शेक विदेशों में जा रहा है। वियतनाम में भेजा जा रहा है। सुकमा में इमली कैंडी के लिए काम हो रहा है। दंतेवाड़ा में डेनेक्स पर काम हो रहा है। इस प्रकार हम जनजातीय क्षेत्र की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि अरवा धान की प्रजाति की पैदावार लें। प्रदेश के हित में यही है कि किसान अधिक अधिक मात्रा में अरवा चावल पैदा करें। केंद्र सरकार से एथेनॉल यूनिट स्थापित करने की मांग की है, जिससे धान से एथेनॉल बनाया जाएगा। अब तक इसकी स्वीकृति केंद्र सरकार से नहीं मिली है। स्वीकृति मिलेगी तो छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए यह वरदान की तरह साबित होगी। किसानों से गर्मी की फसल का धान भी खरीदा जा सकेगा।
कार्यक्रम को वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास को देश भर में सराहा जा रहा है। हाल ही में हुए सर्वे में मुख्यमंत्री के कार्य की विशेष प्रशंसा की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा लघु वनोपज संग्राहकों को बढ़ावा देने के लिए किए गए कार्य प्रदेश में वनोपज से लाभ की संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में मील के पत्थर साबित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महुआ से लड्डू आदि बनाने के उद्यम को भी बढ़ावा दिया है। छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज की बड़ी संभावनाएं थी, जिसे मूर्त रूप देने की दिशा में शासन ने बड़ा काम किया है।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक संजय शुक्ला ने विस्तार से प्रोजेक्ट की जानकारी दी। पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि लघु वनोपजों के प्रसंस्करण की यह यूनिट लगने से संग्राहकों को उचित मूल्य मिल पाएगा। इस मौके पर प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, सीएफ शालिनी रैना, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, वन मंडल अधिकारी धम्मशील गणवीर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर पूर्व विधायक प्रदीप चौबे, आशीष वर्मा, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष जवाहर वर्मा, दुर्ग जिला मंडी बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल कोसरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
अस्पताल की घोषणा भी की : चुलगहन की दो बेटियों को लैपटाप प्रदान किया
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जामगांव एम में अस्पताल स्थापित करने की घोषणा भी की। धान खरीदी केंद्र स्थापित करने और रेस्ट हाउस के निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ग्राम चुलगहन की दो बेटियों मेनसवीर रघुवंशी तथा मंदाकिनी रघुवंशी को पढ़ने-लिखने के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने लैपटॉप प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने मिलेट के गुणों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया।
करोड़ों की लागत से तैयार होगा प्रोजेक्ट
आयुर्वेदिक औषधि यूनिट 27 एकड़ में होगी और इसकी कुल लागत 79 करोड़ रुपए होगी। प्रथम चरण में 60 करोड़ रुपए में काम होगा। केंद्रीय प्रसंस्करण यूनिट 100 करोड़ रुपए की होगी और यह 83 एकड़ में होगी। इसके अलावा 17 हेक्टेयर में लघु वनोपज आधारित फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इसमें निजी निवेशकों को औद्योगिक भूखंड सीएसआईडीसी द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
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