Breaking News

पीडब्लूडी मंत्री के गृहनगर में हर सड़क पर गड्‌ढे ही गड्‌ढे : पीडब्लूडी अफसर न विधायक की सुन रहे … न कलेक्टर की …

सीन 1 – 9 जुलाई को विधायक अरुण वोरा ने शहर की खस्ताहाल सड़कों पर बेशुमार गड्‌ढे दिखाए।

सीन 2 – 10 जुलाई को कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जर्जर सड़कों की हालत देखने शहर का भ्रमण किया।

सीन 3 – 14 जुलाई को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में कलेक्टर ने अफसरों से सवाल किया कि सड़कों की हालत सुधारने क्या कर रहे हैं।

सीन 4 – आज 29 अक्टूबर को लगभग साढ़े तीन महीने बाद भी नतीजा शून्य …   

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

पीडब्लूडी मंत्री ताम्रध्वज के गृहनगर दुर्ग में गड्‌ढे भरी सड़कों का डामरीकरण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। विधायक अरुण वोरा हर दूसरे दिन शहर की सड़कों की हालत सुधारने के निर्देश दे रहे हैं। कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने भी कई मर्तबा सड़कों की हालत सुधारने कह चुके हैं। इसके बावजूद पीडब्लूडी के अफसरों पर निर्देशों का कोई असर नहीं हो रहा है। शहर की जनता के साथ-साथ शहर से होकर गुजरने वाले दूसरे जिले में आने-जाने वाले लोग सवाल कर रहे हैं कि पीडब्लूडी मंत्री के गृहनगर में सड़कों की इतनी दुर्गति किसलिए ?

पीडब्लूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू इसी दुर्ग शहर में रहते हैं। पीडब्लूडी मंत्री और उनके मातहत अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सवाल किये जा रहे हैं। प्रतिष्ठा तार-तार हो रही है। इसके बावजूद पीडब्लूडी के अफसरों को जैसे कोई सरोकार ही नहीं है। हाल ही में पीडब्लूडी अफसरों ने गंजपारा से कोटनी तक 6 करोड़ 28 लाख रुपए की लागत से मार्ग डामरीकरण का कार्य शुरू कराया है। लेकिन मुख्य सड़कों पर हैवी ट्रैफिक के बावजूद सड़कें खस्ताहाल हैं।

आपको याद दिला दें कि विधायक अरुण वोरा लगातार शहर की जीर्ण शीर्ण सड़कों की हालत सुधारने के लिए अफसरों को निर्देश दे रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन की मशीनरी ने मानो आंख-नाक-कान बंद कर लिए हैं। न पीडब्लूडी की सड़कों का डामरीकरण हो रहा है न नगर निगम की सड़कें चकाचक हो रही हैं।

कलेक्टर के निर्देश पर एनएच के अफसरों ने दिन-रात कराया सर्विस रोड का डामरीकरण, पीडब्लूडी अफसर नहीं मान रहे कलेक्टर का फरमान

कलेक्टर की फटकार के बाद कुम्हारी में नेशनल हाईवे के अफसरों ने मानसून की रवानगी से पहले ही सर्विस रोड का डामरीकरण कर दिया, लेकिन पीडब्लूडी के अफसरों ने दुर्ग की सड़कों का डामरीकरण अभी तक शुरू नहीं किया है। शहर की तीन मुख्य सड़कों जीई रोड, गुरुद्वारा रोड और स्टेशन रोड पर बेशुमार गड्‌ढे हैं। बारिश के दौरान मुरुम व मलबा पाटकर मरम्मत का काम किया गया, लेकिन अब फिर से वही हालत है।

निगम प्रशासन की कछुआचाल : निकाय की सड़कें भी खस्ताहाल  

पीडब्लूडी और नगर निगम के अफसरों को न मंत्री का खौफ है न उच्चाधिकारियों का। प्रदेश स्तर पर समीक्षा बैठकों में कामकाज सुधारने कड़े निर्देशों के बावजूद पीडब्लूडी विभाग के अफसर कछुआचाल से काम कर रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों का डामरीकरण 15 दिनों पहले शुरू किया जा सकता था, लेकिन डामरीकरण तो दूर गड्‌ढे भरने का काम तक नहीं किया गया।

दुर्ग नगर निगम का हाल भी बेहाल है। महापौर धीरज बाकलीवाल ने अफसरों पर नकेल कसने में असफल रहे हैं। इस मामले में उन्हें प्रशासनिक क्षमता का प्रदर्शन करना होगा। वहीं, सफाई कामगारों और सुपरवाइजरों का वेतन काटने और आम जनता से जुर्माना वसूलने के कारण कड़क कहे जाने वाले निगम कमिश्नर हरेश मंडावी भी निगम के इंजीनियरों से उम्मीदों के अनुरूप काम नहीं ले पा रहे हैं। नगर निगम का कामकाज पर किसी का नियंत्रण नहीं है। शहर के भीतर निगम की जर्जर सड़कों की हालत पर निगम के पीडब्लूडी प्रभारी अब्दुल गनी रटा-रटाया जवाब देते हैं – प्रशासनिक काम में समय लगता है।  विपक्ष से भिड़ने में शेर की तरह दहाड़ने वाले गनी अफसरों पर नकेल नहीं कस पा रहे हैं। नतीजा ये है कि दुर्ग शहर की सड़कों का भी हाल बेहाल है। 

Check Also

वोरा ने सरकार से किया सवाल – बच्चे पढ़ें या जान बचाएं ? 

स्कूलों में सुरक्षा और किताबों की कमी पर अरुण वोरा ने सरकार को घेरा THE …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!