- वेतन नहीं मिलने से मनरेगा कर्मियों का परिवार संकट में, हड़ताल पर जाने की तैयारी
द सीजी न्यूज़ डॉट कॉम
रायपुर/ मनरेगा में कार्यरत राज्य के 12 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों ने इस बार ‘काली’ होली मनाई। मनरेगा के क्रियान्वयन में दिन-रात मेहनत करने वाले इन कार्मिकों को बीते 4 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। संविदा में कार्यरत मनरेगा कर्मियों के वेतन के लिए भारत सरकार द्वारा लंबे समय से राशि जारी नहीं की गई है। मनरेगा कर्मी पिछले कुछ महीनों से बिना वेतन के ही काम करने को मजबूर हैं।
मनरेगा में काम कर रहे हजारों कार्मिकों का पिछले तीन-चार वर्षो से वेतन भी नहीं बढ़ा है। वे लंबे समय से अपने मानदेय के पुनरीक्षण की बाट जोह रहे हैं। अब पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें जीवनयापन और अपने पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल की फीस, मकान का किराया, घर का राशन, कार्यालय आने-जाने जैसे जरूरी खर्च उठाने में भी उन्हें बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सभी स्तर पर दरवाजा खटखटाने के बाद अब वे हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।
मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में संविदा पर विकासखण्ड स्तर पर 131 कार्यक्रम अधिकारी, 1454 तकनीकी सहायक और ग्राम पंचायतों में 9240 ग्राम रोजगार सहायकों के साथ ही जिला स्तर पर सहायक परियोजना अधिकारी, समन्वयक (शिकायत निवारण), सहायक प्रचार-प्रसार अधिकारी तथा जिला और जनपद में लिपिकों व लेखपालों सहित कुल 12 हजार 488 लोग काम कर रहे हैं। वेतन के अभाव में इनके और इनके परिवार की होली इस बार काली रही। सोशल मीडिया पर भी मनरेगा कर्मियों ने अपने-अपने तरीके से इसका विरोध किया।
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