इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पुरानी पेंशन योजना आप सभी का अधिकार है, जिसे आपको वापस प्रदान करने पर संतोष मिला है। इससे निश्चित ही सभी कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। शिक्षकों द्वारा लगाया जा रहा नारा अब काहे का टेंशन, मिल गया है पेंशन नारा मात्र नहीं बल्कि यथार्थ है। पुरानी पेंशन लागू होने से समस्त कर्मचारी निश्चिंत होकर अपना शत प्रतिशत देंगे।

कोविड काल के दौरान विषम परिस्थितियों में भी शिक्षकों ने प्रदेश भर में शिक्षा की अलख को जगाए रखा, बच्चे पढ़ाई से वंचित ना रहे, इसलिए बुल्टू के बोल, पढ़ाई तुंहर अंगना जैसे नवाचार किए, यह शिक्षकों के समर्पण को दर्शाता है। समृद्ध, सुसंस्कारी और शक्तिशाली राज्य बनाना शिक्षकों का कर्तव्य है जिसे वे पूर्ण कर रहे है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में शासकीय विद्यालयों के तरफ छात्रों का रुझान बढ़ा है।