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कहीं डायनिंग टेबल पर सजाकर … तो कहीं पाटे पर रखकर चखा बोरे बासी का स्वाद … रचा श्रमिकों के प्रति सम्मान का नया इतिहास …

द सीजी न्यूज

छत्तीसगढ़ में बोरे बासी खाने का रिवाज सदियों पुराना रहा है, सिर्फ मजदूर वर्ग ही नहीं बल्कि सम्पन्न किसानों के परिवारों में भी बासी का स्वाद लिया जाता रहा है। लेकिन, वक्त के बदलते दौर के साथ बोरे बासी खाने वालों की तादाद तेजी से कम होने लगी।  छत्तीसगढ़ के खानपान, परंपरा, रीति रिवाज और कला-संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में नया इतिहास रचने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब श्रमिक दिवस यानी एक मई को श्रमिकों के सम्मान में बोरे बासी खाने की अपील की तो जैसे पूरे छत्तीसगढ़ में एक नई चेतना का संचार होने लगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील के बाद आज मजदूर दिवस पर इसी चेतना के अद्भुत नजारे देखने मिले। गजब का सीन … कहीं डायनिंग टेबल पर … तो कहीं फर्श पर पाटा रखकर बोरे बासी की विलुप्त प्राय डिश सजाई गई। अपनी-अपनी पसंद और जायके के अनुसार अचार, चटनी, भाजी, सब्जी, मठा वगैरह भी रखे गए। और फिर लिया गया बोरे बासी का स्वाद। खालिस छत्तीसगढ़िया खानपान … खालिस छत्तीसगढ़िया अंदाज में … 

दुर्ग में सत्ता के शीर्ष पर बैठे जनप्रतिनिधियों, उच्चाधिकारियों के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों ने श्रमिकों के सम्मान में बोरे बासी का स्वाद चखा। मई दिवस पर हर साल की तरह श्रमिकों का सम्मान भी किया गया। मजदूरों के प्रति प्रेम और सम्मान बढ़ाने के साथ ही छत्तीसगढ़ की परंपरा और रीति रिवाज के प्रति अपने प्रेम का नया इतिहास भी रच दिया गया। 

कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे अवकाश पर हैं। उन्होंने पुणे में परिवार के साथ बोरे बासी का आनंद लिया। लोकप्रिय छत्तीसगढी गीत भी गुनगुनाए।
एसपी डॉ अभिषेक पल्लव एवं उनकी टीम बासी का आनंद लेते हुए।
स्वच्छता दीदियों के साथ एसएलआरएम सेंटर में बोरे बासी का स्वाद लेते हुए विधायक अरुण वोरा

विधायक अरुण वोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपील के बाद पूरे राज्य में एक नए उत्साह का संचार हुआ। छत्तीसगढ़ की परंपरा, कला संस्कृति और रीतिरिवाज के साथ खानपान को संजोए रखने के लिए आज पूरा छत्तीसगढ़ बोरे बासी का स्वाद चख रहा है। यह सचमुच बहुत अनूठी पहल की गई है। वोरा ने कहा कि वे इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। 

अपने निवास पर बोरे बासी का स्वाद लेते हुए महापौर धीरज बाकलीवाल

महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा और विरासत को संजोने की दिशा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक से एक नायाब निर्णय लिये हैं। बोरे बासी खाकर मजदूरों का सम्मान बढ़ाने की अपील भी उसी कड़ी का हिस्सा है। आज सीएम की अपील पर पूरे राज्य में प्रदेशवासियों ने बोरे बासी खाकर एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया है। मुख्यमंत्री को साधुवाद।

परिवार के साथ बोरे बासी का स्वाद लेते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू  

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने आज बोरे बासी के साथ मही, टमाटर की चटनी, अचार, प्याज और तरोई की सब्ज़ी खाकर बोरे बासी दिवस मनाया। राजेंद्र ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उन्होंने श्रमिकों के सम्मान में एक मई को बोरे बासी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

पहले नदी से मछली निकाली, फिर खुले आसमान के नीचे अचार के साथ लिया बोरे बासी का लुत्फ

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