Breaking News

शहर युकां अध्यक्ष चुनाव में 20 से ज्यादा दावेदार : समन्वय कायम करने बैठकों, मेल-मुलाकातों का दौर जारी : अधिकांश दावेदारों ने फुस्सी पटाखे के नाम का कड़ा विरोध किया

द सीजी न्यूज 

दुर्ग शहर और ग्रामीण जिला युवा कांग्रेस संगठन चुनाव को लेकर इन दिनों काफी हलचल मची है। यहां लगभग 22 दावेदारों ने नामांकन भरा है। आम सहमति के लिए बैठकों और अलग-अलग खेमों में मान मनौव्वल का दौर जारी है, लेकिन अभी तक किसी भी एक नाम पर सभी दावेदार एकमत नहीं हो पाए हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ संदीप वोरा

दिलचस्प बात ये है कि प्रदेश युकां के महासचिव संदीप वोरा ने शहर युकां अध्यक्ष पद के लिए जिस दावेदार का नाम आगे बढ़ाया है, अधिकांश युकां नेताओं ने उसे सिरे से खारिज कर दिया है। युवा नेता इस बात पर अड़े हैं कि वोरा कैंप से कोई और नाम आगे बढ़ाने पर आम सहमति बनाई जा सकती है। युकां नेताओं का कहना है कि चुनावी साल में फुस्सी  पटाखे को किसी भी हालत में मंजूर नहीं किया जाएगा।

दुर्ग शहर के युकां नेताओं के अलावा सीनियर कांग्रेस नेताओं का यही कहना है कि पिछले सवा साल से तेज तर्रार युकां संगठन की गतिविधियां पूरी तरह फुस्स हो गई हैं। चुनावी वर्ष में युकां अध्यक्ष डॉयनामिक होना चाहिए। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव और 2024 में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अगर शहर युकां अध्यक्ष की गतिविधियां फ्यूज बल्ब की तरह रहीं, तो निष्क्रियता का नुकसान दोनों चुनावों में पार्टी को उठाना पड़ेगा।

हाल ही में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू और दुर्ग नगर निगम के सभापति राजेश यादव ने सभी दावेदारों के बीच समन्वय कायम करने के प्रयास किये। सभी दावेदारों को फोन कर बुलाया गया लेकिन कई दावेदार अलग-अलग कारण बताते हुए बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में राजेंद्र और राजेश ने साफ कहा कि कांग्रेस संगठन की एकता कायम रखने के मद्देनजर आपस में लड़ाई की बजाय समन्वय से अध्यक्ष पद के लिए एक प्रत्याशी तय कर लिया जाए। नेता द्वय ने सर्वसम्मति से प्रयास और आपस में चर्चा करने के लिए युकां दावेदारों को समय देते हुए दोबारा बैठक बुलाने का फैसला किया। सूत्रों के अनुसार आज दोबारा बैठक हो सकती है। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।   

जानकारी के अनुसार शहर युकां अध्यक्ष के चुनाव में प्रमुख दावेदारों में जहीर खान को पूर्व प्रदेश युकां अध्यक्ष कोको पाढ़ी का समर्थन हासिल है। एक और दावेदार रतनदीप कसार दुर्ग प्रीमियर लीग जैसे खेलों के आयोजन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं और उनकी टीम भी एक्टिव है। लेकिन, युकां चुनाव से पहले रतनदीप राजनीतिक रूप से ज्यादा सक्रिय नहीं रहे।

एक अन्य दावेदार अहमद चौहान युकां की राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं। असम चुनाव में करीब एक माह तक उन्होंने असम में रहकर चुनाव प्रचार किया। यूपी चुनाव में भी वे सिद्धार्थ नगर जाकर करीब 15 दिनों तक चुनाव प्रचार किया।  नगरीय निकाय चुनाव में वे अहिवारा-जामुल एरिया में लगातार सक्रिय रहे। अहमद चौहान को अध्यक्ष पद पर समर्थन देने कई दावेदार सहमत हैं, लेकिन समर्थन देने वालों का कुल आंकड़ा कितना होगा, यह अभी देखा जाना बाकी है। एक और बात ये है कि अहमद चौहान को अब तक किसी भी सीनियर नेता ने चुनाव लड़ने और जीतने के लिए ग्रीन सिग्नल नहीं दिया है।

एक और दावेदार अजहर अली के पास भी युवाओं का अच्छा ग्रुप है, लेकिन वे राजनीतिक रूप से किसी भी लीड भूमिका में ज्यादा नजर नहीं आए। युकां नेता अभिषेक बोरकर के समर्थक सतीश रजक ने भी नामांकन भरा है। खबरों के अनुसार  युकां चुनाव में पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाले पड़ोस के विधायक ने अभिषेक बोरकर को चुनाव मैदान से अपने प्रत्याशी को हटाने कह दिया है।

राजनीतिक समीकरण में उलझे वोरा  

युकां चुनाव में युकां महासचिव संदीप वोरा इस बार भी युकां महासचिव का चुनाव लड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो की ओर से हरी झंडी मिलने के कारण उनको जबर्दस्त समर्थन मिलना तय माना जा रहा है। लेकिन, दुर्ग में दो दर्जन दावेदारों के चुनाव मैदान में उतरने से संदीप वोरा उलझ गए हैं। संदीप ने जिस दावेदार का नाम आगे किया है, उस दावेदार के नाम पर न सिर्फ युवा कांग्रेसी बल्कि शहर के सीनियर कांग्रेस नेताओं ने भी तीखा विरोध किया है।

अध्यक्ष पद के दूसरे दावेदारों का कहना है कि नाम न बदला गया तो संदीप वोरा को भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। अगले साल विधानसभा चुनाव में भी इन दावेदार युवाओं की नाराजगी का नुकसान उठाना पड़ सकता है। खास बात ये है कि संदीप अगर अपने समर्थक के नाम पर सहमति बनाने या चुनाव जिताने में कामयाब हुए तो भी उन्हें विधानसभा चुनाव में फ्यूज बल्ब से कोई फायदा नहीं होगा। उलटे, करीब 20 युकां अध्यक्षों की नाराजगी वोरा कैंप के लिए परेशानी  की वजह बन सकती है।     

एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष सोनू साहू ने नहीं भरा नामांकन                  

दावेदारों में एक और चर्चित नाम सोनू साहू का है। अब तक समझा जा रहा था कि एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष सोनू साहू ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा है। अभी खुलासा हुआ है कि पूर्व जिला एनएसयूआई अध्यक्ष सोनू साहू ने नामांकन नहीं भरा, बल्कि इसी नाम के एक और सोनू साहू ने नामांकन जमा किया है।

Check Also

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव : केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने 36 विभूतियों-संस्थाओं को राज्य अलंकरण से किया सम्मानित

  राज्योत्सव के समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!