- रोका- छेका अभियान … बोले तो हवा हवाई अभियान …
द सीजी न्यूज

दुर्ग-भिलाई की प्रमुख सड़कों से लेकर ओवरब्रिज, गली-मोहल्लों में आवारा मवेशियों की भरमार है। एक-एक वार्ड में दो से चार दर्जन तक आवारा मवेशी …जगह-जगह बड़े-बड़े सांडों को भी देखा जा सकता है। सड़कों पर विचरने वाले आवारा मवेशियों का सीन उस सिस्टम की पोल खोलता है जिससे रोका-छेका अभियान की उम्मीद की जाती है। नगरीय निकायों में इस अभियान के लिए न कोई प्लान बनाया गया है, न कोई संसाधन हैं। नतीजा … न रोका है … न छेका है … कागजों पर हवा -हवाई वाले अंदाज में पूरा अभियान चल रहा है।

दुर्ग और भिलाई नगर निगमों की ओर से हफ्ते में दो या तीन बार प्रेस रिलीज जारी होती है जिसमें दावा किया जाता है कि 15 मवेशी पकड़े गए … कभी 28 तो कभी 23 या 15। जिस शहर में एक-एक वार्ड में दो से चार दर्जन आवारा मवेशी विचर रहे हों, यानी करीब दो से तीन हजार मवेशी हों, उसी शहर में हफ्ते भर में एक या दो दर्जन मवेशियों को पकड़ने की उपलब्धियां गिनाई जा रही हों, तो इसे हास्यास्पद ही कहा जाएगा।
सच ये है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील के बावजूद रोका छेका अभियान का भट्ठा बैठ चुका है। एक हफ्ते या पखवाड़े में जितने आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाऊस या गौठान में भेजा जाता है, इसी अवधि में मवेशी मालिक उतने ही मवेशियों को कांजी हाऊस से छुड़ाकर वापस सड़क पर विचरने के लिए छोड़ देते हैं। यानी फिर वही ढाक के तीन पात।
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में जोरशोर से उठा था मुद्दा
एक अगस्त को मंत्रालय में परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में हुई राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में आवारा मवेशियों को पकड़ने का अभियान न चलने का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया था। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा और कुलदीप जुनेजा ने बैठक में साफ कहा कि न तो आवारा मवेशियों को पकड़ने का अभियान चल रहा है, न रेडियम पट्टी लगाई जा रही है। इससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और दुर्घटनाओं के कारण मौतें भी। उन्होंने ठोस और असरदार योजना बनाकर इसका क्रियान्वयन करने कहा।
चीफ सेक्रेटरी ने दिये हैं अभियान चलाने के निर्देश
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में उठे मुद्दों की गर्मी का असर भी हुआ। चीफ सेक्रेटरी अमिताभ जैन ने सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों के अफसरों को आवारा मवेशियों को पकड़ने का अभियान चलाने के साथ-साथ सड़क पर सुरक्षा यातायात के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये हैं। अब देखना ये है कि चीफ मिनिस्टर की अपील और चीफ सेक्रेटरी के निर्देशों का असर कब होता है?
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