द सीजी न्यूज 

छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में वृक्षारोपण कर ‘कृष्ण कुंज’ विकसित करने के लिए कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर एक साथ ‘कृष्ण कुंज’ का लोकार्पण किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा सभी कलेक्टर और वनमंडलाधिकारियों को पत्र भेजकर नगरीय निकायों में अगस्त में ‘कृष्ण कुंज’ के लोकार्पण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में एकरूपता प्रदर्शित करने के लिए ‘कृष्ण कुंज’ को विशिष्ट पहचान दिलाने प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख कार्यालय द्वारा लोगो और गेट का डिजाइन अलग से भेजा जाएगा। फैंसिंग सहित बजट उपलब्धता के आधार पर स्थानीय संस्कृति को बाउंड्रीवाल में प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के समस्त नगरीय निकायों में न्यूनतम एक एकड़ की भूमि में सांस्कृतिक महत्व के जीवन उपयोगी वृक्षों का रोपण करते हुए ‘कृष्ण कुंज’ विकसित किया जाएगा। इनमें आम, इमली, गंगा इमली, जामुन, बेर, गंगा बेर, शहतूत, तेंदू, चार, अनार, गूलर कैथा, कदम्ब, पीपल, नीम, बरगद, बबूल, पलाश अमरूद, सीताफल, बेल और आंवला प्रजाति के पौधे को रोपण के लिए शामिल किया गया है।