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नगपुरा के स्वामी आत्मानंद स्कूल में अव्यवस्था : नाराज हुए कलेक्टर : प्राचार्य को शोकाज नोटिस

  • रसमड़ा में आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे न मिलने पर सुपरवाइजर और कार्यकर्ता को नोटिस जारी
  • टीकाकरण अभियान की समीक्षा भी की

द सीजी न्यूज 

दुर्ग / नगपुरा में स्वामी आत्मानंद स्कूल में लैब सामग्री मिलने के बावजूद अभी तक व्यवस्थित न करने, स्कूल में नवाचार के प्रति उदासीनता बरतने सहित कई मामलों में लापरवाही को लेकर कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने नाराजगी जताई। उन्होंने संस्थान की प्राचार्य को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि जिले के शेष स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बहुत अच्छा काम हो रहा है। प्राचार्य नवाचार कर रहे हैं, अपनी संस्था को सुंदर और गुणवत्तायुक्त बनाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नगपुरा में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।

कलेक्टर ने स्कूल की दिक्कतों के बारे में शिक्षकों से पूछा। शिक्षकों ने बताया कि अज्ञात तत्वों द्वारा ब्वायज टायलेट को तोड़ दिया गया है। मच्छर काफी हैं। इस पर कलेक्टर ने आरईएस अधिकारियों से इसकी मरम्मत के निर्देश दिये। उन्होंने पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने और जलभराव वाले गड्ढों में कैरोसीन डालने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने स्कूल कैंपस का निरीक्षण करते हुए काफी गंदगी देखकर नाराजगी जाहिर की।

कलेक्टर ने शिक्षा अधिकारियों से स्कूल की व्यवस्था को ठीक करने कहा। यहां स्टाफ के अतिरिक्त अन्य तरह की संसाधनों की जरूरत के संबंध में भी प्रस्ताव देने भी कहा। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, एसडीएम मुकेश रावटे, सीईओ लवकेश ध्रुव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बोरई के आंगनबाड़ी केंद्र में आ जाते हैं सांप 

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण भी किया। बोरई के आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि यहां सांप निकलते हैं। केंद्र को खोलने से पहले चेक किया जाता है। कलेक्टर ने आरईएस अधिकारियों को इस समस्या का समाधान करने उचित उपाय करने कहा। भवन का ड्रेनेज सुधारने के साथ ही इसकी ऊंचाई बढ़ाने भी निर्देश दिये। कलेक्टर ने रसमड़ा के पांच नंबर आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया। यहां बच्चे नहीं थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि पांच बच्चे आए थे। वे चले गए हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में पूरे समय बच्चों को रखकर खाना खिलाने के बाद एक्टिविटी करानी है, ताकि उनका शारीरिक के साथ ही मानसिक विकास भी हो। केवल भोजन कराना ही जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने इसके लिए कार्यकर्ता और सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

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