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डिप्रेशन होता क्यों है ? कैसे पहचानें ? कैसे दूर करें ? जानिये … क्या कहते हैं विशेषज्ञ …

द सीजी न्यूज

Dr shama Hamdani

(Clinical Psychologist & Associate Professor  Pt Ravishankar Shukla University Raipur) 

ज़िन्दगी के किसी ना किसी पड़ाव पर ऐसा वक्त आता है जब लोग खुद को उदास और हताश महसूस करने लगते हैं। कई बार हताशा और उदासी का दौर काफी लंबा हो सकता है। असफलता, संघर्ष और किसी अपने से बिछड़ जाने के कारण दुखी होना बहुत आम बात है। सामान्य भी है, लेकिन अगर दुःख, लाचारी, निराशा जैसी भावनाएं कुछ महीनों तक बनी रहे और व्यक्ति सामान्य जीवन न जी पाए तो यह डिप्रेशन एक तरह के मानसिक रोग का संकेत हो सकता है।

सामान्य रूप से डिप्रेशन किशोरावस्था से ही शुरू हो जाता है। कई बार 30 से 40 साल की उम्र में ये समस्या शुरू होती है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को डिप्रेशन की समस्या ज्यादा होती है। मानसिक कारणों के अलावा हार्मोन्स का असंतुलित होना, गर्भावस्था और अनुवांशिक विकृतियाँ भी डिप्रेशन का कारण हो सकती है।

डिप्रेशन का ट्रीटमेंट दो तरीकों से होता है।  

1 . दवाईयां जो साइक्रेटिस्ट द्वारा दी जाती है। 

2. साइको थेरेपी या काउंसिलिंग जो क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट द्वारा दी जाती है।  

ज्यादातर केसेस में दोनों प्रकार से ट्रीटमेंट देने पर बेहतर नतीजे निकलते हैं और मरीज जल्दी ठीक होते हैं।

ये हैं लक्षण

अलग-अलग लोगों में डिप्रेशन के अलग-अलग लक्षण होते है। कुछ लक्षण इस प्रकार हैं। अगर किसी व्यक्ति को इन लक्षणों में से 5 या उससे अधिक लक्षण 2 हफ्ते या उससे ज़्यादा समय तक बने रहते है तो उसे डिप्रेशन का शिकार माना जा सकता है। डिप्रेशन पागलपन नहीं होता है और डिप्रेशन के अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। इस समस्या से निजात पाने में चिकित्सक और मरीज के साथ-साथ उसके परिवार और दोस्तों का सहयोग बहुत ज़रूरी होता है।

  • दिन भर उदास रहना।
  • एकाग्र रहने और फैसले लेने में कठिनाई होना।
  • बैचैनी या आलस्य महसूस होना।
  • स्वयं को अयोग्य या दोषी मानना।
  • हर दिन बहुत अधिक या बहुत कम सोना।
  • सारी गतिविधियों में नीरसता आना।
  • बार-बार मृत्यु या आत्महत्या के विचार आना।

डिप्रेशन एक मानसिक समस्या है, लेकिन मरीज को शारीरिक रूप से भी प्रभावित करती है। थकावट, दुबलापन या मोटापा, सर दर्द, अपचन जैसे असर डिप्रेशन के कारण हो सकते हैं। यही वजह है कि कई बार मरीज इन शारीरिक लक्षणों का इलाज कराने भटकते हैं, लेकिन इन लक्षणों की जड़ों में छुपे डिप्रेशन पर ध्यान नहीं जाता। डिप्रेशन के परीक्षण के लिए एक मनोरोग विशेषज्ञ से कराना जरूरी है। डिप्रेशन के प्रकार और गंभीरता के आधार पर विशेषज्ञ सही सलाह देते हैं। काउंसलिंग, व्यवहार परिवर्तन, ग्रुप थेरेपी, दवाइयाँ या मिश्रित पद्धति। सही सलाह और इलाज के बाद डिप्रेशन के मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।

डिप्रेशन से ग्रस्त लोगों की करें सहायता

  • डिप्रेशन को दूर करने अच्छे मनोरोग विशेषज्ञ से परामर्श ज़रूर करें.
  • खुद को अकेला न रहने दे, दोस्तों के साथ बाहर जाएं, लोगों के साथ बातचीत करें।
  • अपने आप को काम में व्यस्त रखें।
  • उदासी भरे गानें ना सुने।
  • दिल ही दिल में घुटते रहने की बजाय अपने मन की बातें किसी विश्वासपात्र या मनोरोग विशेषज्ञ को ज़रूर बताएं।
  • सकारात्मक बातें पढ़िए और बोलिए
  • आर्ट ऑफ़ पॉजिटिव लिविंग का पालन करें।
  • योग का सहारा लें और अनुलोम विलोम, प्राणायाम, ध्यान करना सीखें।

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