द सीजी न्यूज
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन कर छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल का शुभारंभ किया। सुभाष स्टेडियम में 17 से 19 फरवरी तक कार्निवाल का आयोजन किया जाएगा। कार्निवाल का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और आईआईएमआर हैदराबाद के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है

इस मौके पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। मिलेट को लोगों के दैनिक आहार में शामिल करने और इसके पोषक तत्वों के प्रति जन-जागरूकता लाने के उद्देश्य से कार्निवाल का आयोजन किया जा रहा है। कार्निवाल में मिलेट फूड कोर्ट में आम नागरिक मिलेट के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठा सकेंगे।
कार्निवाल में मिलेट स्टार्ट-अप अपने पैकेज्ड मिलेट उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है।
कार्निवाल में जनजागरूकता के लिए शैक्षणिक संस्थानों द्वारा नुक्कड़ नाटक और स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। देश के चर्चित शेफ मिलेट के नए-नए स्वादिष्ट व्यंजन बनाना भी सिखाएंगे। मिलेट्स कार्निवाल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मिलेट्स को पहले मेहनतकशों का भोजन समझा जाता था। मिलेट्स के बीज 12 वर्षों तक सुरक्षित रहते हैं। इसमें कीट नहीं लगते। आज मिलेट्स अमीरों का भोजन बन गया है, क्योंकि सर्वाधिक शुगर के मरीज इसी वर्ग में हैं।
सीएम ने कहा कि मिलेट्स पोषक तत्वों से भरपूर है, शुगर कम से कम है। आज 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर में मिलेट्स की खेती हो रही है। पहले 70 हेक्टेयर में खेती होती थी। राज्य सरकार के प्रोत्साहन से उत्पादन रकबे में दो से ढाई गुना वृद्धि हुई। मिलेट्स उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण से लोगों को रोजगार मिला। मिलेट्स को मध्यान्ह भोजन में शामिल किया जाएगा। छत्तीसगढ़ मिलेट्स का हब है। देश में पहली बार छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य घोषित किया गया। इससे हमारे किसानों का उत्साह बढ़ा। पहले ही साल में 55 हजार क्विंटल मिलेट्स की खरीदी की गई।
कोदो, कुटकी और रागी का बाजार मूल्य पहले 12 से 15 रुपए हुआ करता था, वह आज बढ़कर 25 से 28 रुपए तक पहुंच चुका है। मिलेट्स की खेती करने वाले किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत इनपुट सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। राज्य शासन की आर्थिक मदद से कांकेर जिले के नथिया नवागांव में देश के सबसे बड़े मिलेट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना निजी क्षेत्र में की गई है। आज 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर में मिलेट्स की खेती हो रही है। पहले 70 हजार हेक्टेयर में खेती होती थी। राज्य सरकार के प्रोत्साहन से उत्पादन रकबे में दो से ढाई गुना वृद्धि हुई।
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