- अचानकमार में बढ़ेगा बाघों का कुनबा : आज छोड़ी गई एक मादा बाघिन
- बाघ के विचरण की मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया है रेडियो कॉलर
द सीजी न्यूज

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा सूरजपुर वनमण्डल से 28 मार्च 2023 को रेस्क्यू की गई मादा बाघ को पूर्णतः स्वस्थ्य होने के बाद राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण की स्थापित मानक प्रचालन प्रक्रिया के तहत अचानकमार टायगर रिजर्व के उपयुक्त रहवास में छोड़ दिया गया।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया है कि अचानकमार टायगर रिजर्व में निकटस्थ राज्य मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के टायगर रिजर्व से 2 मादा और 1 नर व्याघ्रों को लाने की प्रक्रिया चल रही है। सूरजपुर वनमण्डल से रेस्क्यू की गई मादा बाघ को अचानकमार टायगर रिजर्व में छोड़ा जाना एक सुखद संयोग है। मानक प्रचालन प्रक्रिया अनुसार 28 अप्रैल को वन्य प्राणी चिकित्सकों की टीम द्वारा मादा बाघ को रेडियो कॉलर लगाया गया और इसके बाद मादा बाघ को उचित रहवास में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया।
मादा बाघ के मूवमेंट का पता लगाने के लिए उपयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। इसके लिए मैदानी अमले को पन्ना टायगर रिजर्व में विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। भारतीय वन्य जीव संस्थान के दो रिसर्च स्कॉलर और वन्य प्राणी चिकित्सकों की टीम भी विशेष रूप से तैनात की गई है। प्राकृतिक रहवास में छोड़े जाने के पूर्व क्षेत्र के ग्रामवासियों से भी चर्चा कर विश्वास में लिया गया है। इस मादा बाघ के अचानकमार में स्थापित होने से अचानकमार में बाघों की संख्या में वृद्धि होने के लिए विभाग आशान्वित है।
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