- वोरा ने व्यवस्था बेहतर बनाने कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा से चर्चा की
- प्रभावित लोगों के लिए शाम को भोजन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया
द सीजी न्यूज
दुर्ग। शिवनाथ नदी में उफान के बाद से दुर्ग में आपदा से राहत के लिए जरूरी प्रबंधन का कहीं अता-पता नहीं है। नगर निगम की मशीनरी गायब है। प्रभावित लोगों को राहत देने, भोजन व्यवस्था से लेकर पुलिस तैनात करने तक की व्यवस्था में कई खामियां हैं। विधायक अरुण वोरा सुबह से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद राहत देने के लिए सक्रिय हो गए। महापौर धीरज बाकलीवाल ने सुबह मुक्तिधाम मार्ग का हाल देखा। इसके बाद महापौर रायपुर चले गए।

दोपहर तक केवल विधायक और पार्षद पति ने ही सुध ली : जिम्मेदार गायब
दोपहर 12 बजे विधायक अरुण वोरा यहां पहुंचे। प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट बांटने के बाद आश्वस्त किया कि शाम को भोजन के पैकेट लेकर वे खुद आएंगे। पुलगांव वार्ड के पार्षद हेमेश्वरी निषाद और उनके पति हेमंत निषाद यहां प्रभावित लोगों की देखभाल करते दिखाई दिये। पार्षद हेमेश्वरी निषाद भी पहुंची। यहां दोपहर तक प्रशासनिक व्यवस्था के नाम पर इसके अलावा कोई और सक्रियता नहीं दिखी। यानी बाढ़ की आपदा से राहत के नाम पर निल बटा सन्नाटा।

पार्षद हेमेश्वरी निषाद के पति हेमंत निषाद ने बताया कि बाढ़ की स्थिति के बारे में नगर निगम के भवन अधिकारी थवानी को जानकारी दी गई थी। दोपहर तक नगर निगम से कोई नहीं आया। कोई मदद भी नहीं मिली। वोरा ने तत्काल भोजन की व्यवस्था कराई। साथ ही शाम के समय भी भोजन के पैकेट व जरूरी सामग्री लाने का आश्वासन दिया।

वोरा जब यहां पहुंचे तो नदी तट पर रहने वाली महिलाओं की आंखों में आंसू भर आए। कहा –सुबह से कुछू नई खाए हन भैया। वोरा ने तत्काल भोजन के पैकेट बांटने के साथ ही शाम के समय भोजन की व्यवस्था का आश्वासन दिया। जरूरी मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया। वोरा ने मौके पर से ही कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा से चर्चा की। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएगी। शासन के नियमों के अनुसार मदद दी जाएगी।
वोरा ने जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन से प्रभावित लोगों के भोजन-पानी, ठहरने की व्यवस्था के साथ ही जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा है। वोरा ने प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया है कि सभी जरूरी व्यवस्था के साथ राहत दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान एल्डरमेन राजेश शर्मा, जल संसाधन विभाग के ईई सुरेश पांडे, विद्युत कंपनी के इंजीनियर मौजूद रहे।

इसलिए आई बाढ़
दुर्ग में शिवनाथ तट के आसपास चारों तरफ पानी ही पानी है। महमरा गांव के चारों ओर पानी भर चुका है। दर्जनों गांवों के खेतों में तीन से चार फीट तक पानी भरा है। शिवनाथ नदी के किनारे महमरा एनीकट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी पानी भरा है। दोनों ओर खेतों में तीन से चार फीट तक पानी है।
महानदी में पहले से बाढ़ आ चुकी है। बाढ़ आने के कारण महानदी के संगम पर शिवनाथ नदी का बहाव भी थम गया। खरखरा, मोगरा और तांदुला जलाशय से करीब 48 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के कारण दुर्ग सहित आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। जल संसाधन विभाग के ईई सुरेश पांडेय ने बताया कि रात तक नदी का जल स्तर कम होने की संभावना है।
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