- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाश पर्व में हुए शामिल
- गुरु ग्रंथ साहब के सामने मत्था टेककर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की
- सिक्ख समाज की सेवा भावना गुरुनानक देव के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित खालसा स्कूल में गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाश पर्व में शामिल हुए । उन्होंने प्रदेशवासियों को गुरू नानक जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने गुरु ग्रंथ साहब के सामने मत्था टेका और प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गुरूनानक देव का प्राकट्य उत्सव देश दुनिया में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। गुरुनानक देव ने मानवता की सेवा का संदेश दिया, उन्होंने सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। कोरोना संकटकाल में सिक्ख समाज द्वारा मानवता की सेवा के किए गए उत्कृष्ट कार्यो का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्ख समाज ने छत्तीसगढ़ के साथ पूरे देश में सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। यह समाज के लोगों की गुरु के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुनानक देव देश के ऐसे बिरले सन्तों में शामिल हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा यात्राएं की। उन्होंने मक्का-मदीना से लेकर देश के विभिन्न स्थानों सहित छत्तीसगढ़ के फुलझर तक की यात्रा की।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद सुनील सोनी, विधायक और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र सिंह छाबड़ा और रायपुर के महापौर एजाज ढेबर भी उपस्थित थे। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष निरंजन सिंह खनूजा व अन्य पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को शाल और श्रीसाहब भेंटकर उनका सम्मान किया।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal