
- उद्यानिकी में नवाचार से बेहतर होगी किसानों की आर्थिक स्थिति
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
परंपरागत तौर पर धान की खेती करने वाले छत्तीसगढ़ के किसान अब खेती-किसानी में नित-नये नवाचार करने लगे हैं। धान की आधुनिक खेती के साथ-साथ सुगंधित धान, फोर्टीफाईड धान की खेती की ओर तेजी से अग्रसर राज्य के किसान अब उद्यानिकी के क्षेत्र में पूरी सफलता के साथ हाथ आजमाने लगे हैं। धान के बदले ज्यादा मुनाफा देने वाली उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत फल-फूल, सब्जी, मसाला की खेती की ओर किसानों का रूझान बढ़ा है। बिलासपुर जिले के मस्तुरी ब्लॉक के मल्हार की महिला कृषक दिव्या देवी वर्मा ने अपने पति जदुनंदन प्रसाद वर्मा और परिवारजनों के साथ गुणवत्तायुक्त चार प्रकार की रंगीन फूलगोभी की खेती कर ज्यादा मुनाफा कमाने के साथ ही लोगों की भोजन-थाली को भी पौष्टिकता बनाया है।

वर्मा दंपत्ति को कोरोना काल में पौष्टिक और गुणवत्ता युक्त फसल उत्पादन का विचार मन में आया। उन्होंने रंगीन फूलगोभी के बारे में कई स्त्रोतों से जानकारी जुटाई और बीज मंगाकर खेती करना शुरू किया। रंगीन गोभी के उत्पादन के बाद इसके बाजार की चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ी। खेत से ही तुड़ाई के बाद उसकी हाथों-हाथ बिक्री आसानी से होने लगी।
3 फरवरी को सांसद राहुल गांधी ने रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान रंग-बिरंगी फूलगोभी देखकर आश्चर्य मिश्रित प्रसन्नता जताई थी। उन्होंने इसकी खेती के बारे में भी वर्मा दंपत्ति से जानकारी ली और उनके नवाचार को सराहा था।
वर्मा दंपत्ति ने बताया की उनके पास दो एकड़ खेत है, जिसमें उनका परिवार पिछले 22 वर्षाें से खेती कर रहा है। धान के बदले उद्यानिकी फसल लेने से अब उन्हें ज्यादा लाभ होने लगा है। उन्होंने रंगीन फूलगोभी की जानकारी प्राप्त करने के बाद सिंजेंटा कंपनी का बीज मंगाकर सामान्य फूलगोभी की तरह खेती करना शुरू किया। वे पांच रंगों की गोभी सफ़ेद, पीला, जामुनी, हल्का हरा और हरे रंग में ब्रोक्क्ली का उत्पादन कर रहे हैं। सामान्य सफ़ेद रंग की गोभी से अलग रंगीन गोभी के स्वाद में मीठापन थोड़ा ज्यादा होता है। लगभग पौन एकड़ में 15000 पौधे लगाकर औसतन 8-10 हजार किलो का उत्पादन करने लगे हैं।
वर्मा ने बताया कि गोभी की पौष्टिकता और गुणवत्ता को देखते हुए लोग उनके फार्म से सीधे खरीद कर ले जाते है। सामान्य गोभी के मुकाबले बाजार में इसकी कीमत 100 रुपए किलो से ज्यादा है। राज्य में इसकी लोकप्रियता बढ़ते देख हर जगह से इसकी मांग बढ़ गई है। रंगीन फूलगोभी की पौष्टिकता और गुणवत्ता को देखते हुए अब अन्य कृषक भी इसकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
काफी स्वास्थ्य वर्धक है रंगीन गोभी
उद्यानिकी संचालक माथेश्वरन वी. ने बताया कि रंगीन गोभियां न केवल देखने में खूबसूरत लगती है, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। इसमें विटामिन ए कैरोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसमें फाइटो केमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो बीमारी और बॉडी इंफेक्शन से लड़ने में सहायक होता है। ये वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद भी करता है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और जिंक होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। इसकी खेती के लिए ठंडी और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। इसकी खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी काफी उपयुक्त है। इसको लगाने का सही समय सितंबर से अक्टूबर है। अन्य सभी क्रियाएं फूलगोभी की खेती की तरह ही की जाती है।
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