
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
देश में बैंक धोखाधड़ी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष व मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषि कमलेश अग्रवाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के एक संघ से कथित रूप से 22 हजार 842 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के संबंध में दर्ज किया गया है। यह सीबीआई द्वारा दर्ज सबसे बड़ा बैंक धोखाधड़ी का मामला है।
अग्रवाल के अलावा तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशक अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया के साथ एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक दुरुपयोग जैसे अपराधों के लिए मुकदमा दर्ज किया है। इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा किया गया है। कंपनी को एसबीआई के साथ ही 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2468.51 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी थी। फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि वर्ष 2012-17 के बीच आरोपियों ने कथित रूप से मिलीभगत की और अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया, जिसमें धन का दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात शामिल है।
और भी हो चुके हैं कई बड़े घोटाले
विजय माल्या का 9000 करोड़ रुपये का घोटाला
शराब कारोबारी और बैंकों से कर्ज लेकर फरार विजय माल्या के खिलाफ 9000 करोड़ रुपये के फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बार-बार समन किए जाने के बावजूद माल्या अब तक पेश नहीं हुए। कुछ दिनों पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आखिरी बार कार्ट में पेश होने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। हालांकि इस केस में बैंकों ने अब तक अपना काफी रकम रिकवर कर ली है।
पंजाब नेशनल बैंक घोटाला
नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर 13500 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है। यह फ्रॉड इन्होंने पंजाब नेशनल बैंक में किया और फरार हो गए। घोटाले में नीरव मोदी के अलावा उनकी पत्नी ऐमी, भाई निशाल, और चाचा मेहुल चोकसी मुख्य अभियुक्त हैं।
वीडियोकॉन घोटाला
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला जनवरी 2019 में दर्ज हुआ था। आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन ग्रुप के बीच डील हुई है। उसमें मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन के शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक और सेबी को पत्र लिखकर वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत और आईसीआईसीआई की सीईओ व एमडी चंदा कोचर पर एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था। आरोप है कि धूत की कंपनी वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंक से 3250 करोड़ रुपये करोड़ रुपये का लोन दिया गया और इसके बदले धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की वैकल्पिक ऊर्जा कंपनी ‘न्यूपॉवर’ में अपना पैसा निवेश किया।
पीएमसी बैंक घोटाला
पंजाब व महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक में एक बड़ा घोटाला सामने आया था। साल 2019 में पीएमसी बैंक में 4 हजार 355 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला हुआ था, जिसके मुख्य आरोपी बैंक के डायरेक्टर दलजीत सिंह बल थे। बैंक स्कैम की जांच महाराष्ट्र इकोनॉमिक्स ऑफेंस विंग कर रही थी। सितंबर 2019 में, एक व्हिसल-ब्लोअर की मदद से आरबीआई को पता चला कि पीएमसी बैंक मुंबई के एक रियल इस्टेट डेवलेपर को क़रीब 6500 करोड़ रुपये लोन देने के लिए नकली बैंक खातों का उपयोग कर रहा है। जानकारी सामने आते ही लाखों बैंकधारकों को एहसास हो गया था कि उनकी मेहनत की कमाई घोटाले के कारण फंस गई है। पीएमसी बैंक को संकट से बचाने के लिए आरबीआई ने सितंबर 2019 को पैसे निकालने पर मोरेटोरियम लगा दी थी यानी निकासी की सीमा निर्धारित कर दी थी।