- स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने अफसरों को प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये

द सीजी न्यूज डॉट कॉम
रायपुर / स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने आज कार्पोरेशन के अफसरों से फूड टेस्टिंग लैब निर्माण की प्रक्रिया में विलंब को लेकर नाराजगी जताई। वोरा ने कहा कि यह कार्य तत्काल शुरू किया जाना चाहिए। निर्माण शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्रता से पूरा करें। वोरा ने कहा कि फूड टेस्टिंग लैब का निर्माण करने अगले माह भूमिपूजन करने मुख्यमंत्री से समय लिया जाएगा।
वोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप मध्य भारत का पहला फूड टेस्टिंग लैब नवा रायपुर में बनने जा रहा है। इसका निर्माण पूर्ण गुणवत्ता से निर्धारित समय अवधि के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। कार्पोरेशन के अधिकारियों ने वोरा को जानकारी दी है कि लैब के लिए जमीन आवंटन के साथ ही कंसल्टेंट नियुक्त किया जा चुका है। लैब का निर्माण एनआरडीए द्वारा किया जाएगा। फिलहाल इसकी डिजाइन तैयार की जा रही है।
वोरा ने लैब निर्माण के साथ ही सभी निर्माणाधीन गोदामों की जानकारी ली और कार्पोरेशन के अधिकारियों से कहा कि किसी भी कार्य में कोताही न बरतें। निर्धारित समय अवधि के भीतर गोदामों का निर्माण कार्य बेहतर गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए। वोरा ने कहा कि डिमांड के अनुसार जिन स्थानों पर गोदामों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, वहां पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद तत्काल निर्माण कार्य शुरू किये जाएं।
लैब से ये सुविधाएं मिलेगी
छत्तीसगढ़ राज्य के गोदामों में स्टोर किए गए चावल के अलावा राज्य में बिकने वाली खाद्य सामग्री जैसे मिठाइई, पैकेज्ड फूड आइटम सहित सभी प्रकार की खाद्य सामग्री की जांच नवा रायपुर स्थित लैब में हो सकेगी। अभी तक राज्य में फूड टेस्टिंग लैब न होने के कारण खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने दूसरे राज्यों के लैब में भेजना पड़ता है। इसकी जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लगता है। समय और धन की बर्बादी होती है। राज्य में फूड टेस्टिंग लैब का निर्माण होने पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच रायपुर में ही हो सकेगी। इससे समय और धन की बचत होगी। गुणवत्ताहीन खाद्य सामग्री की बिक्री, सप्लाई आदि पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
लगभग 19 करोड़ की लागत से बनेगा लैब
नवा रायपुर में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर लैब स्थापित किया जाएगा। लैब स्थापित करने में लगभग 19 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। अफसरों का कहना है कि भवन निर्माण के साथ ही मशीनरी व उपकरण खरीदी करने की प्रक्रिया में करीब डेढ़ साल का वक्त लगेगा। इसके बाद लैब में खाद्य सामग्री की जांच शुरू कर दी जाएगी।
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