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प्रदेश के 12 जिला शिक्षा अधिकारियों को शोकाज नोटिस जारी : मिलेट चिक्की खरीदी के आदेश निरस्त करने के निर्देश

द सीजी न्यूज

रायपुर/ राज्य शासन के आदेश के विपरीत और राज्य शासन के आदेशों की अवहेलना करते हुए मिलेट चिक्की खरीदने के आदेश जारी करने पर दुर्ग/गरियाबंद/कोरिया/सूरजपुर/बलरामपुर/रायगढ़/बलौदा-बाजार/नारायणपुर/कांकेर/कोण्डागांव/बस्तर/दंतेवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है। शिक्षा विभाग ने इन अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। इन जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मिलेट के व्यंजन स्कूल स्तर पर पकाये जाएंगे। उनकी खरीदी नहीं की जाएगी। यदि खरीदी के आदेश जारी हुए भी हैं तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए। 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा पूरक पोषण अंतर्गत सोया चिक्की के वितरण करने वार्षिक कार्ययोजना में स्वीकृति दी गई थी। उसी समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रधानमंत्री की ओर से मिलेट मिशन की घोषणा की गई थी। इसके बाद सोया चिक्की के स्थान पर विद्यार्थियों को मिलेट से बने पकवान उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में सोयाबीन की उपलब्धता नगण्य है, जबकि मिलेट्स की उपलब्धता अधिक है। इस निर्णय के बाद सोया चिक्की के स्थान पर मिलेट से बने अन्य पकवान वितरण करने के लिए भारत सरकार को 16 दिसम्बर 022 को प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से 10 फरवरी 2023 को सोया चिक्की के स्थान पर मिलेट्स निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई।

भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने पर पूर्व में सोया चिक्की वितरण के लिए चुने गए कुल 7 जिलों के लिए राशि मार्च के अंत में प्राप्त हुई, जिसका 30 अप्रैल तक उपयोग करने के निर्देश दिये गए। पूर्व में प्रस्तावित 7 जिलों के अलावा 5 जिलों को शामिल करते हुए कुल 12 जिलों के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में स्पष्ट आदेश दिये गये कि मिलेट्स की खरीदी जिला स्तर पर वन विभाग की संस्थाओं या सी मार्ट से की जाए, लेकिन मिलेट की पकी हुई सामग्री न खरीेदें, बल्कि कच्चा मिलेट खरीदकर उसे स्व-सहायता समूहों द्वारा पकी हुई सामग्री में परिवर्तित कर बच्चों को बांटा जाए। आशय यह था कि मिलेट के व्यंजन को स्कूल स्तर पर ही पकाया जाएगा, क्योंकि स्कूल स्तर पर मध्यान्ह भोजन पकाने का कार्य स्कूल स्तर के स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाता है ।

राज्य शासन द्वारा विभागीय पत्र 10 मार्च 2023 द्वारा निर्देशित किया गया कि जिला कलेक्टर स्थानीय स्तर पर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वन विभाग द्वारा उपार्जित सामग्री से खाद्य पदार्थ बनवाकर भंडार क्रय नियम का पालन करते हुए करा सकेंगे। भारत सरकार के गाईडलाईन अनुसार प्रधानमंत्री पोषण का संचालन स्व-सहायता समूहों द्वारा कराया जा सकता है। बाजार में उपलब्ध रेडीमेड खाद्य सामग्री क्रय पर रोक लगाई जाए। मिलेट आधारित खाद्य सामग्री का वितरण प्रस्तावित 12 जिलों में सप्ताह में 4 दिन किया जाए। पूरक पोषण सामग्री का वितरण शैक्षणिक सत्र 2022-23 अर्थात् 30 अप्रैल 2023 तक किया जाए।

इसी दौरान मिलेट चिक्की क्रय में गड़बड़ी की खबरों के बाद संचालक, लोक शिक्षण द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग में चर्चा करने पर यह पता चला कि कुछ जिलों में वास्तव में इस प्रकार से मिलेट चिक्की की खरीदी करने के आदेश जारी किये गये हैं। संचालक, लोक शिक्षण ने वीडियों कान्फ्रेसिंग दिनांक 20 अप्रैल 2023 को पुनः जिला शिक्षा अधिकारियों को ऐसा क्रय आदेश तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिये गए हैं।

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