Breaking News

18% अधिभार के बाद पेनल चार्ज क्यों ? 104 करोड़ की कथित अतिरिक्त वसूली का हिसाब दे निगम : भोजराज सिन्हा

  • भिलाई की जनता के साथ अन्याय क्यों ?

THE CG NEWS 

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई में संपत्ति कर और विभिन्न शुल्कों की वसूली को लेकर नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने महापौर नीरज पाल व निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिन्हा ने कहा है कि भिलाई की जनता से कर व शुल्क के नाम पर की जा रही प्रत्येक वसूली का वैधानिक आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

भोजराज सिन्हा ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिक्षा कर, पेनल चार्ज और यूजर चार्ज सहित विभिन्न मदों में नागरिकों से लगभग ₹1 अरब 4 करोड़ की राशि वसूल किए जाने का विषय सामने आया है। यह राशि सामान्य नहीं है। यह भिलाई के नागरिकों और व्यापारियों की मेहनत की कमाई है। निगम प्रशासन को बताना होगा कि यह वसूली किस अधिनियम, नियम, राजपत्र, अधिसूचना या सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अंतर्गत की गई।

18 प्रतिशत अधिभार के बाद पेनल चार्ज क्यों?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब संपत्ति कर में पहले से ही 18 प्रतिशत अधिभार लिया जा रहा है, तो उसके अतिरिक्त पेनल चार्ज लगाने का औचित्य क्या है? निगम प्रशासन स्पष्ट करे कि एक ही कर देयता पर 18 प्रतिशत अधिभार के अतिरिक्त पेनल चार्ज लगाने का वैधानिक प्रावधान क्या है? इसकी स्वीकृति किस सक्षम प्राधिकारी ने दी और इसकी वसूली किस नियम के अंतर्गत की गई?

“पहले 18 प्रतिशत अधिभार, फिर अलग से पेनल चार्ज—भिलाई की जनता पर यह दोहरा आर्थिक भार किस नियम के तहत डाला गया है ? महापौर को याद रखना चाहिये कि जनता भाषण नहीं, अधिनियम और शासनादेश के आधार पर जवाब चाहती है।”

निगम का अपना स्कूल नहीं, फिर शिक्षा कर किस अधिनियम से?

भोजराज सिन्हा ने कहा कि नगर पालिक निगम भिलाई के स्वयं के विद्यालय न होने की स्थिति में नागरिकों से शिक्षा कर वसूल किए जाने का वैधानिक आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने महापौर एवं निगम प्रशासन से मांग की कि शिक्षा कर की वसूली से संबंधित अधिनियम की धारा, शासनादेश, अधिसूचना, राजपत्र और सक्षम स्वीकृति सार्वजनिक की जाए।

पूरे छत्तीसगढ़ में पेनल चार्ज की स्थिति स्पष्ट करें

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दुर्ग, रिसाली, भिलाई-चरोदा, रायपुर, बिरगांव, धमतरी, जगदलपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ एवं राजनांदगांव सहित अन्य नगर निगमों में पेनल चार्ज की व्यवस्था को लेकर भी निगम प्रशासन तथ्य सार्वजनिक करे। यदि अन्य नगरीय निकायों में ऐसी वसूली नहीं की जा रही है, तो भिलाई में पेनल चार्ज लागू करने का अधिकार किस अधिनियम अथवा शासन आदेश से प्राप्त हुआ? क्या भिलाई के लिए कोई पृथक अधिसूचना जारी की गई है? यदि हां, तो उसे सार्वजनिक किया जाए।

यूजर चार्ज में राजपत्र की दर और वास्तविक वसूली में अंतर क्यों?

भोजराज सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राजपत्र, 2016 में निर्धारित यूजर चार्ज की दरों के अनुसार 500 वर्गफीट तक, 1000 वर्गफीट तक और 1000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए निर्धारित दरों का पालन किया जाना चाहिए। यदि निगम द्वारा इन निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूल की गई है, तो अतिरिक्त वसूली किस सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से हुई और किस आदेश के तहत की गई, यह स्पष्ट किया जाए।

₹1 अरब 4 करोड़ का मदवार हिसाब सार्वजनिक हो

भोजराज सिन्हा ने कहा कि निगम प्रशासन निम्न जानकारी सार्वजनिक करे—

शिक्षा कर की वर्षवार एवं मदवार वसूली।

पेनल चार्ज की कुल वसूली और उसका वैधानिक आधार।

18 प्रतिशत अधिभार की कुल वसूली।

यूजर चार्ज की स्वीकृत दर एवं वास्तविक वसूली का तुलनात्मक विवरण।

लगभग ₹104 करोड़ की कथित वसूली का पूरा मदवार लेखा-जोखा।

प्रत्येक शुल्क की वसूली से संबंधित अधिनियम, नियम, राजपत्र, अधिसूचना एवं सक्षम स्वीकृति।

उन्होंने कहा कि नगरपालिका निधि में प्राप्त प्रत्येक राशि का लेखा नियमानुसार संधारित होना चाहिए और नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनसे किस आधार पर राशि वसूल की गई।

जनता के पैसे का हिसाब देना होगा

नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि “भिलाई की जनता कर देने से पीछे नहीं हटती, लेकिन कर और शुल्क के नाम पर नियमों की आड़ में मनमानी वसूली स्वीकार नहीं करेगी। ₹104 करोड़ कोई छोटी राशि नहीं है। यह जनता की गाढ़ी कमाई है और इसका एक-एक रुपया किस अधिकार से वसूला गया, इसका जवाब निगम प्रशासन को देना होगा।” उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की नियमविरुद्ध अथवा अधिक वसूली प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई तथा पात्र नागरिकों को अतिरिक्त वसूली की राशि वापस करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

भोजराज सिन्हा ने कहा कि “महापौर से भिलाई की जनता पूछ रही है कि 18 प्रतिशत अधिभार के बाद पेनल चार्ज क्यों? निगम का अपना स्कूल नहीं तो शिक्षा कर किस अधिकार से? राजपत्र में निर्धारित दर से अधिक यूजर चार्ज किस आदेश से? और सबसे बड़ा सवाल—भिलाई की जनता से लगभग ₹1 अरब 4 करोड़ किस वैधानिक अधिकार से वसूले गए? इन सवालों का जवाब अब सदन में भी देना होगा और जनता के बीच भी।”

Check Also

बेमेतरा में गरिमामय माहौल में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस समारोह : सांसद विजय बघेल ने किया ध्वजारोहण

THE CG NEWS बेमेतरा। स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि दुर्ग के सांसद विजय बघेल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!