THE CG NEWS
भिलाई। स्टीलसिटी की राजनीति पिछले दो साल से गरमाई हुई है। भिलाई स्टील प्लांट के बिकने की संभावना जताने वाली खबरों के बाद अब नई खबर है। कहा जा रहा है कि देश के सबसे बड़े उद्योगपति गौतम अडानी भिलाई आने वाले हैं। अडानी के भिलाई आगमन को बीएसपी को बेचे जाने से जोड़कर देखा जा रहा है। इन सबके बीच बड़ी खबर राजनीतिक गलियारों से भी आ रही है।
लेकिन, बड़ी खबर पर चर्चा करने से पहले देखिये कि खुद की राजनीति चमकाने के लिये भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव कैसी-कैसी पैंतरेबाजी करते हैं।
दिल्ली में कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च किया था। इस मार्च में देश भर से कांग्रेस व अन्य दलों के नेता शामिल हुए।
विधायक देवेंद्र यादव मार्च में शामिल हुए या नहीं? इसकी जानकारी नहीं है। देवेंद्र के मीडिया मैनेजर ने देवेंद्र को राहुल गांधी का करीबी बताने के लिये एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की है, जिससे पैंतरेबाजी का पता चलता है। साथ ही पैंतरेबाजी के हल्केपन का अंदाज भी लगाया जा सकता है।
अब जरा इस न्यूज में लगी तस्वीर पर गौर कीजिये। ये तस्वीर खुद देवेंद्र यादव के मीडिया मैनेजर कहे जाने वाले सुमीत पवार ने पोस्ट की है।
तस्वीर में भारी भीड़ के साथ विरोध मार्च कर रहे राहुल गांधी के ठीक पीछे देवेंद्र यादव खड़े हैं। तस्वीर ब्लैक एंड व्हाईट है। विरोध मार्च में शामिल हजारों की भीड़ और राहुल गांधी, देवेंद्र यादव की तस्वीर को ध्यान से देखिये।
क्या कोई फर्क नजर आ रहा है ???
आप साफ तौर पर देखेंगे कि इस तस्वीर में राहुल और देवेंद्र की फोटो क्राप करके लगाई गई है। हजारों की भीड़ की फोटो पूरी तरह ब्लैक एंड व्हाइट है। प्रियंका गांधी, नेहा बोरा समेत सभी की तस्वीरें ब्लैक एंड व्हाईट फ्रेम में है। लेकिन, फोटो में राहुल, देवेंद्र के चेहरे, कपड़े की चमक एकदम अलग है।
मीडिया मैनेजर अगर एआई टूल्स का इस्तेमाल करते तो शायद यह कमी दूर हो जाती। फोटो एकदम असली लगती। लेकिन, मीडिया मैनेजर ने भैया जी की शाबाशी बटोरने के लिये फटाफट फोटो क्राप कर लगा दी। अब भैया जी की किरकिरी हो रही है।
उम्मीद है कि भविष्य में देेेवेंद्र का मीडिया मैनेजमेंट इस तरह की पैंतरेबाजी के लिये एआई टूल का इस्तेमाल जरूर करेगा।
ऐसी वार्ड स्तर का कोई कार्यकर्ता करे तो समझ आता है लेकिन कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय स्तर के संगठन के पदाधिकारी ऐसा करें तो संगठन की भी किरकिरी होती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी जैसे नेताओं की प्रतिष्ठा पर भी आंच आती है। देवेंद्र को समझना चाहिये कि वे कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं।किसी वार्ड स्तर के कार्यकर्ता नहीं।
बड़ा सवाल ये है राहुल का करीबी बताने के लिये देवेंद्र को फर्जी फोटो क्रापिंग की जरूरत आखिर क्यों पड़ी।
बड़ा सवाल ये भी है कि क्या भिलाई में घटते जनाधार से परेशान देवेंद्र अब राहुल गांधी की क्राप्ड फोटो का सहारा लेकर राजनीति में आगे बढ़ना चाहते हैं।
क्या देवेंद्र यह दिखाना चाहते हैं कि –
प्रदर्शन के दौरान बेशुमार भीड़ और देश भर के विपक्षी नेताओं के जमावड़े के बीच सिर्फ केवल सिर्फ देवेंद्र यादव ही राहुल गांधी के करीबी रहे।
कल पढ़िये … भिलाई की राजनीति की बड़ी खबर …
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