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शिक्षा बजट में करोड़ों, फिर भी स्कूलों की हालत जर्जर : दहशत के वातावरण में पढ़ने बच्चे ना हों मजबूर : वोरा

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

शहर के बघेरा व पुलगांव प्राथमिक व हाई स्कूल में 1100 से ज्यादा छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। संधारण के अभाव में यहां के स्कूलों का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। विधायक अरुण वोरा ने इन स्कूलों का निरीक्षण किया। स्कूल में कई कमियां पाई गईं। बघेरा और पुलगांव के पार्षदों ने बताया कि नगर निगम और शिक्षा विभाग की ढुलमुल कार्यप्रणाली का खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

स्कूल बिल्डिंग जर्जर होने से कभी भी गंभीर घटना हो सकती है। बरसात में बच्चों को छाता लेकर बैठने की नौबत आ जाती है। स्लैब गिरने और सीपेज से करेंट फैलने का भी डर रहता है। शहर के सभी स्कूलों का यही हाल है। पेयजल और  छात्रों के बैठने की व्यवस्था न होने के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ने और प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या कम हो रही है।

विधायक वोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बच्चों की उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए एक तरफ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को शुरू किया गया है। दूसरी ओर अन्य सरकारी स्कूलों में बच्चे जान के खतरे के बीच अध्ययन करने मजबूर हैं। शिक्षा विभाग के बजट के अलावा खनिज न्यास मद में पर्याप्त राशि होने के बावजूद स्कूलों की ऐसी हालत दुर्भाग्यजनक है।

वोरा ने कलेक्टर से निगम क्षेत्र में चल रहे सरकारी स्कूलों का दौरा कर कंडम भवनों के पुनर्निर्माण और नए भवन का निर्माण कराने डीएमएफ मद से राशि जारी करने कहा है। पुलगांव स्कूल के लिए भेजे गए प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृत करने का आग्रह किया है। आज स्कूल के निरीक्षण के दौरान एल्डरमैन राजेश शर्मा, पार्षद हेमेश्वरी निषाद, सुरेंद्र ठाकुर, कुमारी साहू, बृजलाल पटेल, पप्पू श्रीवास्तव, ललित ढीमर मौजूद थे।

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