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तहसील कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर : कामकाज में लापरवाही देखकर जताई सख्त नाराजगी : साफ कहा – एक दिन की ढिलाई भी बर्दाश्त नहीं

  • कलेक्टर ने दुर्ग तहसील पहुंचकर सख्त नाराजगी जताई
  • टेबल पर तीन दिनों से पंजीकरण के लिए आवेदन पड़े थे पेंडिंग
  • रीडर से कहा कि जिस दिन आवेदक अपना आवेदन लेकर आए उसी दिन दर्ज करें प्रकरण
  • लापरवाही पर संबंधित रीडर को नोटिस देने एसडीएम को दिये निर्देश
  • बस्ता निकलवाकर खुद कलेक्टर ने देखी आवेदनों के निराकरण की स्थिति

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

दुर्ग कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे आज अचानक दुर्ग तहसील आफिस का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय के सभी रीडरों से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने टेबल पर मौजूद फाइलें और अलमारी में रखी फाइलें देखीं। उन्होंने तहसील कार्यालय में लगभग एक घंटे तक निरीक्षण किया। एक टेबल में कुछ फाइल रखी थी जिन्हें तीन दिन हो गए थे और जिन्हें पंजीकृत कर अग्रेषित नहीं किया गया था। रीडर पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने एसडीएम विनय पोयाम को निर्देश देते हुए कहा कि रीडर को नोटिस जारी किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि राजस्व आवेदनों के निराकरण में एक-एक दिन बेहद महत्वपूर्ण है और तहसीलदारों की जिम्मेदारी हैं कि प्रक्रिया में एक दिन का विलंब भी न होने दें। डिप्टी कलेक्टर्स इसकी नियमित मानिटरिंग करते रहें। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, संयुक्त कलेक्टर प्रवीण कुमार भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि डिप्टी कलेक्टर्स रोटेशन सिस्टम के आधार पर तहसील कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल प्रकरणों के निराकरण से संबंधित पूछताछ तक सीमित नहीं होना चाहिए। आप बस्ता निकालिये, अलमारी देखिये। हर प्रकरण पर नजर डालिये।

प्रकरणों के निराकरण की दिशा में किस तरह से कार्य हो रहा है। प्रकरणों में निर्णय लेने में कितना समय लग रहा है। यदि किसी तरह की दिक्कत हो तो इसका कारण दर्ज करें ताकि इसे दुरूस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने परिसर में मौजूद सभी कोर्ट में प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। एसडीएम विनय पोयाम ने विस्तार से आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। दो दिन पूर्व हुई समीक्षा बैठक में भी कलेक्टर ने रोटेशन के आधार पर तहसील कार्यालयों के निरीक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिये थे। इसके बाद रोटेशन चार्ट बनाया गया है। कलेक्टर ने कहा कि निरीक्षण के पश्चात इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जहां पर आवेदनों के निपटारे में लापरवाही दिखती है वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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