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पौनी पसारी योजना : दुर्ग में अफसरों ने नगरीय प्रशासन मंत्री के कड़े निर्देश रख दिये ताक पर : गरीबों को व्यवसाय के लिए नहीं मिले चबूतरे

  • दिवाली में बाजारों में रही रौनक : सूने रह गए पौनी-पसारी योजना के शेड
 दुर्ग में पौनी पसारी योजना का हाल बेहाल : आसपास कचरे का ढेर, रात में चबूतरों में देवारों का डेरा

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

दुर्ग नगर निगम की बेलगाम अफसरशाही ने छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक पौनी पसारी योजना का भट्‌ठा बैठा दिया है। 5 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना की घोषणा की थी। दुर्ग नगर निगम के अफसरों ने महिला समृद्धि बाजार के बगल में शेड और चबूतरे का निर्माण करने में दिलचस्पी दिखाई, लेकिन आवंटन की प्रक्रिया अधर में लटकी है। नतीजा ये है कि आज तक पौनी पसारी योजना दुर्ग में शुरू ही नहीं हो पाई है। विधायक अरुण वोरा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप पौनी पसारी योजना को तत्काल शुरू करने कहा है। वोरा ने कहा कि गरीब और परंपरागत व्यवसाइयों को उनकी आमदनी का श्रोत देने के लिए तत्काल आवंटन की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने की नीयत से यह योजना शुरू की। पूरे प्रदेश में 255 स्थानों पर पौनी पसारी योजना शुरू करने लगभग 30 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया। इस योजना के माध्यम से लोगों को रोजगार दिलाने और बेरोजगारी दर घटाने के लिये शुरू की गई योजना पर निगम अफसरों ने कभी ध्यान नहीं दिया। रात में पौनी पसारी योजना के तहत बने शेडयुक्त चबूतरे में देवार कब्जा जमा लेते हैं।

18 जून को प्रदेश भर के नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव डहरिया ने 15 अगस्त से सभी निकायों में योजना के कार्य शुरू करने कड़े निर्देश दिए। दुर्ग नगर निगम के अफसरों ने सितंबर में निर्माण कार्य शुरू करने भूमिपूजन कराया। यहां निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन योजना के तहत चबूतरों का आवंटन अभी तक नहीं किया गया है। निगम कमिश्नर समेत राजस्व एवं बाजार विभाग के अफसरों ने नगरीय प्रशासन मंत्री के निर्देशों का पालन ही नहीं किया। 

इस योजना के तहत नाई, धोबी, लोहार, मोची, सब्जी उत्पादक, इलेक्ट्रीशियन, आयरन रिपेयरिंग, कूकर, गैस चूल्हा रिपेयरिंग आदि कार्य करने वाले लोगों को शेडयुक्त चबूतरे का निर्माण करके जगह उपलब्ध कराना था। नगर निगम के किसी भी जिम्मेदार अफसर ने भूपेश सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना पर  ध्यान नहीं दिया। योजना के तहत इन व्यवसाइयों से आवेदन तो मंगाए गए लेकिन आवंटन की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं की गई। निर्माण कार्य कराने के बाद निगम अफसरों ने कमजोर आय वर्ग के व्यवसाइयों को रोजगार के लिए शेडयुक्त चबूतरे का आवंटन करने में दिलचस्पी नहीं ली।

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