
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
छठ महापर्व को पर दुर्ग-भिलाई में उत्साह का माहौल रहा। गुरुवार को सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सुबह से ही तालाबों के घाटों पर लोगों की भीड़ उमड़ी। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ का व्रत रखने वाले लोगों ने अपना व्रत तोड़ा। इस दौरान महिलाओं ने छठ पूजा के गीत गाए। पटाखे फोड़े गए। सूर्य देव की अराधना की गई।
कल शाम को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छठ पर्व में शामिल होने भिलाई आए थे। विधायक अरुण वोरा ने भी अलग-अलग तालाबों में पहुंचकर छठ महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। आज सुबह सांसद विजय बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सुबह से तालाबों के घाट पहुंचकर श्रद्धालुओं को छठ पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी।


आज सूर्योदय यानी (उषा अर्घ्य) का समय सुबह 06:41 बजे था। उषा अर्घ्य यानी अर्थात इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले नदी के घाट पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। यह अर्घ्य सूर्य की पत्नी उषा को दिया जाता है। मान्यता है कि विधि विधान से पूजा करने और अर्घ्य देने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती हैं।

इससे पहले बुधवार को छठ पर्व के अवसर पर शाम को सूर्य देव को अर्घ्य देने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सेक्टर 2 भिलाई के तालाब पहुंचे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को छठ महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। विधायक अरुण वोरा ने भी शाम को ठगड़ा बांध, बोरसी तालाब में पहुंचकर श्रद्धालुओं को छठ महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। उनके साथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा, पूर्व पार्षद प्रकाश गीते सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। वोरा ने छठ पर्व पर शुभकामना देते हुए कहा है कि सभी की मनोकामनाएं पूरी हो। महापर्व छठ पुजा के अवसर पर सांसद विजय बघेल ने राधिका नगर, कातुलबोर्ड, तितुरडीह, दीपक नगर व हुडको के तालाब में पहुंचकर छठ मैय्या जी का आशीर्वाद लिया और समस्त क्षेत्रवासियों को छठ पूजा की बधाई और शुभकामनाएं दी। उनके साथ पार्षद अरुण सिंह, शिवेंद्र परिहार, नरेश तेजवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
हलकी ठंड के बीच सूरज को अर्घ्य देने श्रद्धालु तालाब पहुंचे
गुरूवार की सुबह हल्की ठंड के बीच शहर के प्रमुख तालाबों के घाटों पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। चारों ओर भक्ति गीत के साथ पूरा माहौल छठ मैया के पूजा में रंग गया। सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि शांति की कामना की गई। पूजा स्थलों पर छठ मईया के भोजपुरी गीत बजते रहे। पूजा के दौरान महिलाओं ने छोटी रे मोटी डोमिन बेटी के लामी लामी केश, सुपवा ले आइहा रे डोमिन, अर्घ के बेर, छोटी रे मोटी मालिन बेटी के लामी लामी केश,फुलवा ले आइहा रे मलिन, अर्घ के बेर लोकगीत गाया।
सूर्य देव पर चढ़ाया प्रसाद
पूजा के दौरान महिला उपासकों ने भगवान के लिए बनने वाले प्रसाद गुड़ की खीर, रोटी पिट्ठा,खरना, फल, सब्जियों का भोग सूर्य देवता को लगाया गया। उसके बाद व्रतधारियों ने प्रसाद लोगों को बांटा। प्रसाद को लेकर मान्यता है कि जिसको माता छठी का प्रसाद मिलता है। उसके ऊपर संकट नहीं रहता है।
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