• नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने से लेकर मतगणना तक कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
  • मतदान केंद्रों के बदलाव के बारे में करें अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

प्रदेश के 10 जिलों के 15 नगरीय निकायों में आगामी समय में होने वाले आगामी आम चुनाव के संबंध में आज राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव रिमिजुइस एक्का, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव सी आर प्रसन्ना सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर और एसपी शामिल हुए।
बैठक में निर्वाचन प्रक्रियाओं के दौरान कोविड-19 गाइडलाइन के पालन के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने सभी कलेक्टरों को निर्देश देते हुए कहा कि नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने से लेकर मतगणना तक कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना है।

मतदान केंद्रों में सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर व मास्क की व्यवस्था रखें। मतदान दलों का गठन करने से पहले इस बात पर विशेष ध्यान दें कि सभी मतदान कर्मी वैक्सीनेटेड हों। मतदान केन्द्र, नामांकन प्राप्ति केन्द्र, संवीक्षा केन्द्र, वितरण, वापसी केन्द्र इत्यादि गतिविधियों और केन्द्रों पर कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने के साथ-साथ मतदान कार्य में लगे कार्मिकों के लिए उचित चिकित्सा व्यवस्था भी रखें।

उन्होंने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केन्द्रों का भौतिक सत्यापन कर, मतदान केन्द्रों की वार्डवार संख्यात्मक जानकारी, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों का चिन्हांकन कर लें। सुरक्षा संबंधी छोटी से छोटी बात का ध्यान रखा जाए।
निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन व्यय पर पैनी निगाह रखें। मतपत्रों के मुद्रण के लिए मुद्रणालय में मुद्रण की व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

निर्वाचन के दौरान एक ही प्रकार की मत पेटी का करें उपयोग

निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि निर्वाचन के दौरान एक ही प्रकार की मत पेटी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए उन्होंने बताया कि वर्तमान में दो प्रकार की मत पेटियां गोदरेज टाइप दूसरी एमपी टाइप उपलब्ध है। उपलब्ध मत पेटियों को सरलता से उपयोग में लाने योग्य बनाने के लिए सुनिश्चित कर लें कि सभी अच्छी वर्किंग कंडीशन में हो। जरूरी होने पर मतपेटियों की ऑयलिंग  इत्यादि कराएं। पर्याप्त मात्रा में बैलट बॉक्स उपलब्ध है। किसी भी स्थिति में डैमेज्ड या जंग लगे बैलट बॉक्स उपयोग में नहीं आने चाहिए।

बैठक में निर्वाचन प्रतिबंधात्मक कार्यवाही (धारा 144 और अन्य धारा अन्तर्गत), बल की व्यवस्था, बस्तर संभाग के जिलों के लिए सुरक्षा व्यवस्था आवश्यकतानुसार अस्त्र-शस्त्र लायसेंस जमा करने संबंधी आदेश,सभा जुलूस का नियमन आदि पर भी चर्चा की गई। उन्होंने मतदान के पूर्व शराब पर प्रतिबंध लगाने के सम्बंध में भी चर्चा की। इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्थानीय प्राधिकारी (निर्वाचन अपराध) अधिनियम, 1964 छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985, ध्वनि विस्तार यंत्रों पर प्रतिबंध, छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, आदर्श आचरण संहिता का पालन पर भी चर्चा की गई।