द सीजी न्यूज डॉट कॉम

छत्तीसगढ़ राज्य को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए भारत सरकार से बारदाने की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से आज 8 दिसम्बर को नई दिल्ली में खाद्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली व उपभोक्ता मामले के केन्द्रीय संयुक्त सचिव सुबोध सिंह और संचालक सार्वजनिक वितरण प्रणाली राजेश मीणा से छत्तीसगढ़ मनरेगा आयुक्त मोहम्मद कैसर अब्दुल हक और विपणन संघ के प्रबंधक शशांक पाण्डेय ने मुलाकात की। मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने संयुक्त सचिव भारत सरकार को छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन और बारदाने की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जूट कमिश्नर भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को बारदाने न केवल बहुत कम मात्रा में दिए जा रहे हैं, बल्कि इसकी स्वीकृत मात्रा की समय पर आपूर्ति भी नहीं की जा रही है।
मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने संयुक्त सचिव, भारत सरकार को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एक दिसम्बर को शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ को माह नवंबर में 1.38 लाख गठान और माह दिसंबर 2021 तक कुल 2.14 लाख गठान नये जूट बारदाने जूट कमिश्नर के माध्यम से प्राप्त होने थे। लेकिन माह नवंबर 2021 में राज्य को मात्र एक लाख गठान और माह दिसंबर में अब तक कुल 1.11 लाख गठान जूट बारदाने ही प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को आवश्यकता की तुलना में जूट बारदानों की कम आपूर्ति की जा रही है। स्वीकृत मात्रा की समयबद्ध सप्लाई भी नहीं की जा रही है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु प्रस्तावित कार्ययोजना के अनुसार नये जूट बारदाने की समयबद्ध सप्लाई अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने छत्तीसगढ़ राज्य हेतु नये जूट बारदाने की आपूर्ति संख्या में वृद्धि करने और इसकी समयबद्ध आपूर्ति के लिए  संबंधितों को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध संयुक्त सचिव, भारत सरकार से किया। भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा राज्य को बारदाने आपूर्ति के संबंध में यथासंभव आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को पर्याप्त बारदानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मनरेगा आयुक्त मोहम्मद अब्दुल कैसर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी नियुक्त किया गया है। विपणन संघ के प्रबंधक शशांक पाण्डेय को बारदाना नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।