- झेरिया धोबी समाज पाटन राज के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
दुर्ग / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि छत्तीसगढ़ में गौठान को ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है। यहां उन सारे स्थानीय उत्पादों का उत्पादन दोबारा शुरू किया गया है, जिसे परंपरागत रूप से लोग निर्मित करते रहे थे, लेकिन बाद में इसे छोड़ दिया गया था। केवल उत्पादन ही नहीं किया जा रहा, बल्कि इनके मूल्य वर्धन के लिए भी कार्य किया जा रहा है। इनकी बिक्री के लिए सीमार्ट के माध्यम से पुख्ता व्यवस्था भी की गई है।
झेरिया धोबी समाज पाटन राज के सामाजिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवरात्र पर्व की बधाई देते हुए कहा कि आज हिंदू नव वर्ष की शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश यही है कि हम अपनी सांस्कृतिक पहचान को सहेज कर रख सकें। हमारी सांस्कृतिक पहचान में ही हमारी आर्थिक प्रगति निहित है। गौठान के माध्यम से इन्हें आजीविका केंद्र के रूप में स्थापित कर इन्हें दोबारा शुरू किया है। इन्हें ब्रांड के रूप में आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से हम विक्रय कर रहे हैं। पुराने समय में घरों में लीपने के लिए गोबर काम आता था। अब हम गोबर से पेंट बना रहे हैं। पहले बिजली का उत्पादन केवल उद्योगपति या सरकार ही कर पाते थे, लेकिन अब ग्रामीण महिलाएं भी गोबर के माध्यम से बिजली का उत्पादन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्ग के लोगों के हितों की चिंता सरकार को है। किसानों के लिए राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से आर्थिक समृद्धि की राह हमने खोली। इसके साथ ही भूमिहीन मजदूरों के लिए भी योजना आरंभ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे साढ़े तीन लाख भूमिहीन लोगों को लाभ मिल रहा है पहले इसके अंतर्गत 6 हजार रुपये दिए जाते थे अब यह राशि बढ़कर 7 हजार हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो किस्तों में यह राशि भूमिहीन मजदूरों को दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना पुनः आरंभ की गई है। सरकारी कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति भविष्य के प्रति बहुत आशंकित थे। सरकार के इस बड़े निर्णय से उनकी आशंका दूर हुई है। कोरोना की लहर के कमजोर होने के बाद पुनः सामाजिक आयोजन आरंभ हुए हैं। छत्तीसगढ़ में सामाजिक संगठन जन जागरूकता के लिए और प्रदेश को आगे ले जाने के लिए सक्रियता से काम कर रहे हैं। सरकार इस कार्य में उनकी हर संभव मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भन्सुली, सुरपा में सांस्कृतिक भवनों की घोषणा की और अचानकपुर में सामुदायिक भवन के बाउंड्री वाल निर्माण व अतिरिक्त कक्ष निर्माण के भी निर्देश दिए। इस मौके पर उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा, बस्तर सांसद दीपक बैज सहित समाज के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण निर्मलकर, जिला अध्यक्ष विष्णु निर्मलकर व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal

