रायपुर / कांग्रेस ने खैरागढ़ उपचुनाव जीतने के तीन घंटे बाद ही खैरागढ़-छुईखदान को जिला बनाने की घोषणा कर दी है। जिला बनाने के साथ ही वहां की जनता से किया हर वादा पूरा किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री ने सीएम हाउस से यह घोषणा की। अब खैरागढ़-छुईखदान संयुक्‍त जिला बनाने की घोषणा कर दी। इस तरह खैरागढ़-छुईखदान-गंडई छत्तीसगढ़ का 33 वां जिला बन रहा है। मुख्यमंत्री ने साल्हेवारा को पूर्ण तहसील और जालबांधा को उप तहसील बनाने का ऐलान भी किया। बता दें कि उपचुनाव के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने जीत मिलने पर 24 घंटे के भीतर खैरागढ़ को जिला बनाने की घोषणा की थी।

खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि खैरागढ़ की जनता से किया गया हर वादा तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री निवास पर शनिवार की शाम को पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस जीत को सरकार के साढ़े तीन साल के कामों पर जनता की मुहर बताया। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल में राज्य में अब तक चार विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए हैं। इन चारों चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जो अपने आप में रिकार्ड है।

एक सवाल के जवाब में बघेल ने कहा कि 1995 से खैरागढ़ की राजनीति देवव्रत सिंह के ईर्दगिर्द थी। 2018 के चुनाव में कांग्रेस तीसरे स्थान पर थी। इस वजह से वहां निचले स्तर पर हमारा संगठन मजबूत नहीं था। लेकिन सभी ने मिलकर काम किया और चुनाव में शानदार विजय हासिल की। सीएम ने कहा कि हम 2023 का चुनाव भी जीतेंगे। खैरागढ़ चुनाव में हमारे कार्यकर्ता और नेताओं को समझ में आ गया है कि इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ेगी। भाजपा के अफवाहों से भी निपटना पड़ेगा, लेकिन जीत तय है।

खैरागढ़ उपचुनाव में पराजय से डा. रमन सिंह को सबसे ज्यादा नुकसान

सीएम ने कहा कि भाजपा की इस हार से सबसे ज्यादा नुकसान डा. रमन सिंह का हुआ है। उन्होंंने इस चुनाव को चुनौती के रुप में लेते हुए सेमीफाइनल बताया था। खैरागढ़ से अपनी मातृभूमि बताते हुए रिश्तों की दुहाई दी थी। यह उनके खुद के लिए अलार्मिंग है। भाजपा ने प्रदेश के सभी नेताओं के साथ पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री और दो केंद्रीय मंत्रियों को भी मैदान में उतारा, फिर भी भाजपा चुनाव हार गई। इससे 2023 का परिणाम भी अपेक्षित है।