- कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण, सर्जरी में हुई उपलब्धियों और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की प्रशंसा की
- सरकारी विभागों और प्राइवेट कालेजों में लगाए जाएंगे ब्लड डोनेशन कैंप
द सीजी न्यूज
दुर्ग / दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने के लिए हितग्राहियों को अब 15 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की रिपोर्ट के बाद प्रमाणपत्र बनाने समाज कल्याण विभाग में रिपोर्ट भेजी जाती थी। आज जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने नई व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। अब समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी अस्पताल से ही इसे जारी करेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि प्रमाणपत्र के लिए दो-तीन बार आने-जाने में दिव्यांगजनों को काफी असुविधा होती है। दिव्यांग व्यक्तियों को इससे सुविधा मिलेगी। कलेक्टर ने अस्पताल के फार्मासिस्ट से दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में भी पूछा। उन्होंने कहा कि दवाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है। जिन दवाओं की ज्यादा माँग होती है उनके जल्दी समाप्त होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में दवाओं के डिमांड के आधार पर सूची बनाकर रख लें, अगर शासन से आपूर्ति के पहले ही इनका स्टाक समाप्त हो जाए, तो इन्हें स्थानीय स्तर पर क्रय किया जा सकता है। ताकि हर स्थिति में मरीज को दवा मिल पाए। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डा. जेपी मेश्राम, सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा, जीवनदीप समिति के पदाधिकारी दिलीप ठाकुर सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटल बनेगा जिला अस्पताल, 10 करोड़ रुपये की लागत से होगा सुविधाओं का विस्तार
जिला अस्पताल को कार्पोरेट हॉस्पिटल की तर्ज पर बनाने 10 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके चलते जिला अस्पताल सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटल के रूप में तैयार होगा और मरीजों को बेहतरीन इलाज की सुविधा मिल सकेगी। कलेक्टर ने ब्लड बैंक का निरीक्षण भी किया। यहां की व्यवस्था पर उन्होंने संतुष्टि जाहिर की और स्टाफ की प्रशंसा की। कलेक्टर ने कहा कि ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता के लिए नियमित रूप से कैंप लगाना जरूरी है। सेवाभावी लोग इनमें बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकारी विभागों में भी कैंप लगाए जाएंगे और महाविद्यालयों में भी कैंप लगेंगे।
गेट के पास दीवार पर पाई गई पीक, जुर्माना लगाने कहा
कलेक्टर ने हॉस्पिटल स्टाफ से साफसफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा। अस्पताल के गेट के पास दीवारों में पीक दिखने पर कलेक्टर ने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि इस तरह की गतिविधि पाए जाने पर तुरंत हास्पिटल प्रबंधन को सूचना दें। जुर्माना भी लगाया जाए। कलेक्टर ने बेडशीट बदलने की फ्रिक्वेंसी भी पूछी। उन्होंने कहा कि जल्दी-जल्दी बेडशीड बदलना चाहिए। अस्पताल ऐसा परिसर होता है, जहां पूरी तरह से हाइजिन के मानक रखने होते हैं। इसे सुनिश्चित करें।
चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की प्रशंसा – कलेक्टर ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बीते महीनों में जिला अस्पताल में ऐसी जटिल सर्जरी हुई हैं, जिन्हें महानगरों में ही किया जा सकता है। यह सबके आपके लगन और निष्ठा की वजह से हो पाया है। इस क्षेत्र में सर्वोत्तम काम करने वाले चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ का सम्मान भी किया जाएगा।
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