
स्थानीय किसानों द्वारा इसे पूरी तरह पाट कर खेत का स्वरूप दे दिया गया था। इन विलुप्त तालाबों की बहाली के लिए जिला प्रशासन, योजनाबद्ध तरीके से सक्रिय कार्य कर रहा था। जनसहयोग के माध्यम से पुराने तालाबों का चिन्हांकन किया गया। 1909, 1921-22, 1929-30, 1984-85 राजस्व लैण्ड रिकार्ड से मिलान कर 12 विलुप्त तालाबों का चिन्हांकन कर सीमांकन किया। जनभागीदारी के माध्यम से सतत् जीर्णाेद्धार का कार्य किया जा रहा है। हाथी बुढ़ान, घोड़ा बुढ़ान, बनफरा का तालाब व बनफरा का पैठू प्राचीन तालाबों की खुदाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और तेली डबरी व लोकईया तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा है।
6 कोरी 6 आगर तालाब वाला धमधा फिर बनेगी तालाबों की नगरी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में तालाबों के उचित रख-रखाव और सहेजने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में धमधा के एसडीएम बृजेश सिंह क्षत्रिय ने विलुप्त हो चुके तालाबों के संबंध में जानकारी एकत्रित करना प्रारंभ किया। यह कार्य जटिल था, इसलिए प्रशासन ने खेत की जानकारी रखने वाले स्थानीय लोगों की सहायता ली। गांव के बुजुर्ग और तरिया के क्षेत्र में संरक्षण कार्य करने वाले धर्मधाम गौरवगाथा समिति के सदस्यों की मदद ली गई। समिति 3 साल पहले से ही इस दिशा में कार्य कर रही थी। प्रशासन को तालाबों के नाम, उनके निर्माणकर्ताओं की जानकारी, खसरा व रकबा नंबर इत्यादि उपलब्ध होने पर 100 साल पुराने नक्शे व अन्य लैंड रिकॉर्ड से उपलब्ध जानकारियों का मिलान किया गया। पटवारियों की टीम के साथ मौके का मुआयना किया गया।
एसडीएम धमधा ने बताया कि शासकीय रिकॉर्ड के अनुसार 26 तालाब अपने स्थान से विलुप्त हो चुके थे, जिसमें से 12 तालाबों को जनभागीदारी, जिला प्रशासन व पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित कर कब्ज़ा मुक्त करा लिया गया है।
शासकीय रिकार्ड में चिन्हित 36 पटे हुए तालाबों में से 12 तालाबों को जिला प्रशासन ने कराया कब्जा मुक्त
एसडीएम ने बताया कि कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशानुसार शासकीय रिकार्ड में चिन्हित 36 तालाब पूर्णतः पट गए थे, उनमें से शुरूआत में बड़े रकबे के तालाबों को चिन्हित किया गया है। 12 तालाबों का चिन्हांकन स्थानीय लोगों के सहयोग व धर्मधाम गौरवगाथा समिति के माध्यम से किया गया। विलुप्त हो चुके इन 12 तालाबों को जनभागीदारी के साथ आपसी समन्वय के साथ मुक्त कराया गया। हाथी बूडान, घोड़ा बूडान, बनफरा तालाब, बनफरा पैठु, तेली डबरी, लोकईया तालाब, नकटी डबरी, डोकरा तालाब, मूनि का पैठु, मूनि का पीछे, लोधी डबरी, पिपराही तालाब इन 12 तालाब की सूची में शामिल हैं। अन्य बचे हुए तालाबों को भी शीघ्र कब्जा मुक्त करा लिया जाएगा और जिला प्रशासन द्वारा तालाबों की नगरी धमधा को शीघ्र पुर्नस्थापित करने हेतु सकारात्मक दिशा में कार्य किया जाएगा।
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