द सीजी न्यूज
कवर्धा। शनिवार को देर शाम जिले के सिंघनपुरी चिल्फी निवासी 65 वर्षीय चरवाहा गुनीराम यादव घर वापस नहीं लौटे। देर शाम तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की। आज बुजुर्ग का शव मिला। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि बाघ के हमले में गुनीराम की मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार गुनीराम यादव रोज की तरह अपने पोते के साथ गाय चराने के लिए कान्हा टाइगर रिज़र्व के कोर क्षेत्र सूपखार जंगल की ओर गए थे। दोपहर में मवेशियों को खोजते हुए अलग अलग दिशा में चले गए। कुछ देर बाद पोते ने बुजुर्ग दादा की खोजबीन की लेकिन वे नहीं मिले। जंगल के किनारे उनका सामान मिला। गुनीराम का पता नहीं चल पाया है। कल रात से ही आशंका जताई जाने लगी कि बुजुर्ग को बाघ उठाकर ले गया है।
पुलिस, कवर्धा वन विभाग, चिल्फी रेंज स्टाफ और मध्यप्रदेश सूपखार वन अमला की संयुक्त टीम रात से ही मौके पर तैनात कर दी गई है। जंगल के भीतर कई किलोमीटर के क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटना स्थल के आसपास बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। आज सुबह एमपी के सुपखार परिक्षेत्र क्रमांक 314 के जंगल में क्षत विक्षत लाश मिली। कपड़ों से गुनीराम यादव का शव होने की शिनाख्त की गई।
शव की हालत देखकर साफ हो गया कि बाघ ने बुजुर्ग पर हमला किया और उन्हें अपना शिकार बना लिया। कवर्धा वन मंडल अधिकारी ने घटना की पुष्टि की है। घटना एमपी सीमा के अंदर हुई है। मुआवजा और आगे की कानूनी प्रक्रिया एमपी वन विभाग करेगा। घटना के बाद सिंघनपुरी, चिल्फी और आसपास के गांवों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं और चरवाहों में काफी डर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बाघ की गतिविधियां बढऩे से क्षेत्र में खतरा गहराता जा रहा है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal
