बच्चों ने मुख्यमंत्री से पूछे चुटीले और रोचक सवाल

छात्रा वर्षा ने सवाल किया कि ‘आप बचपन से ही चीफ मिनिस्टर बनना चाहते थे या कुछ और करना चाहते थे?’, इस पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, वे एक अच्छा किसान बनना चाहते थे लेकिन किसानी के साथ क्षेत्र में जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे और जनसेवा करते हुए मुख्यमंत्री बन गए। स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री की सक्रियता को लेकर मीडिया में खबरें पढ़ने मिलती हैं। छात्रा ने कहा कि उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री लगातार प्रशासनिक कामकाज के साथ ही जनता के बीच पहुंचते रहे हैं।

 90 विधानसभा क्षेत्र में भेंट-मुलाकात अभियान शुरू
एक छात्र ने पूछा कि ‘हमारी पर्सनॉलिटी आपकी तरह कैसे बन सकती है?’ इस पर मुख्यमंत्री ने पलटकर जवाब दिया कि ‘अच्छा पढ़ते रहें, बड़े-बुजुर्ग की सीख पर अमल करें। हमेशा नया जानने-सीखने की कोशिश जारी रखें। शारीरिक श्रम करेंगे तो मानसिक रूप से भी मजबूत बनेंगे।’ मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद स्कूल में दाखिला लेने को लेकर छात्र-छात्राओं से सवाल किया तो बच्चों ने बताया कि स्वामी आत्मानंद स्कूल में उन्हें बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पढ़ाई के लिए अच्छे शिक्षक, बेहतर वातावरण, संसाधन मिल रहा है। स्कूली बच्चों से बातचीत के बाद उनके कौतुहल और उत्सुकता को भांपते हुए मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ तस्वीरें भी खिंचाई।

मुख्यमंत्री ने स्कूल में मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल के कम्प्यूटर लैब, फिजिक्स लैब का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राचार्य और शिक्षकों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल की जो अच्छी छवि बनी है, वह आप सभी के प्रयासों का परिणाम है। शासन की मंशा प्रदेश के सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की है, इस काम में शिक्षक महती भूमिका निभा रहे हैं।