द सीजी न्यूज
युवा कांग्रेस संगठन के बोगस चुनावों के नतीजे अभी तक घोषित नहीं किये जा सके हैं। ऑनलाइन चुनाव प्रक्रिया के बाद नतीजे तत्काल घोषित करना था, लेकिन आनलाइन चुनाव के लिए तैयार किये गए सॉफ्टवेयर की कमियों सहित कई तरह की आपत्तियों के कारण नतीजों की घोषणा नहीं हुई है। अब युवा कांग्रेस के साथ ही कांग्रेस के उच्च पदाधिकारी भी यह कहने लगे हैं, कि ऐसी बोगस चुनावी प्रक्रिया के कारण ही कांग्रेस पार्टी का भट्ठा बैठ रहा है। आलाकमान के इस तरह चुनाव कराने के फैसलों से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी गिर रहा है।
छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के चुनाव जुलाई में हुए। 12 मई से 13 जून के दरम्यान ऑनलाइन मतदान किया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार एक हफ्ते बाद रिजल्ट घोषित हो जाना था। लेकिन, जिस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से चुनाव की पूरी प्रक्रिया अपनाई गई, उसने लाखों वोट या तो रिजेक्ट कर दिये या होल्ड पर रख दिये। कुल 17 लाख युवा मतदाताओं ने वोट दिया था। प्रदेश में 6 लाख से ज्यादा युवा मतदाताओं के वोट रिजेक्ट कर दिये गए। ढाई लाख युवा मतदाताओं के वोट होल्ड पर रखे गए हैं।
अब प्रत्याशियों को होल्ड पर रखे गए ढाई लाख से ज्यादा मतदाताओं के वोट से संबंधित डीटेल जानकारियों दोबारा अपडेट करना है। ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया में दो मतदाताओं के लिए एक ही मोबाइल नंबर दर्ज होने, आईडी सही न होने सहित फोटो ब्लर होने जैसे कारणों से ये वोट होल्ड पर रखे गए हैं।
युकां नेताओं का कहना है कि कई ऐसे मतदाता हैं जिनका नाम, पता, आईडी, मोबाइल नंबर सहित सभी डीटेल सही होने के बावजूद वोट रिजेक्ट कर दिया गया है या होल्ड पर रख दिया गया है। बड़ी तादाद में वोट रिजेक्ट करने या होल्ड पर रखने से दोबारा मतदाता से संपर्क कर फोटो, आईडी कलेक्ट करना बोझिल करने वाला काम है। इससे कार्यकर्ता निराश हैं।
मनोनयन प्रक्रिया ही बेहतर
कांग्रेस की सीनियर नेताओं का कहना है कि संगठन चुनाव में मतदान प्रक्रिया से प्रत्याशियों के बीच वैमनस्यता बढ़ती है। करीब 10 साल पहले युवा कांग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव जीतने वाले एक युवा नेता का कहना है कि पहले मनोनयन प्रक्रिया में सभी युवा मिल जुलकर अपनी अपनी जिम्मेदारी निभाते थे। दस साल पहले हुए संगठन चुनाव के दौरान आपस में चुनावी दंगल में भिड़ने के कारण आज तक वैमनस्यता कायम है। युवा कांग्रेस संगठन चुनाव के कारण अच्छे दोस्तों के बीच भी अब कटुता आ गई है। युकां के सीनियर नेताओं का कहना है कि मतदान प्रक्रिया से गुटबाजी को बढ़ावा मिल रहा है। आपसी कटुता भी बढ़ रही है। यह पार्टी की सेहत के लिए ठीक नहीं है। मतदाताओं को प्रलोभन देने, होटल ढाबे के साथ ही फार्म हाउस में बीयर-चिकन पार्टी देने सहित कई हथकंडे अपनाने के कारण युकां चुनाव न सिर्फ महंगे हो गए, इससे पार्टी को फायदा नहीं होगा, नुकसान ही होगा।
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