मुख्यमंत्री विशेष रुप से बस्तर की कलाकार छात्रा मुस्कान पारख से प्रभावित हुए। मुस्कान ने चटाई में घोटुल का चित्र बनाया था। मुख्यमंत्री को इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति मोक्षदा चंद्राकर ने बताया कि यह कलाकृति बस्तर में बस्तर में घोटुल की परंपरा से प्रेरित है और इसमें एक छोटे से चित्र के माध्यम से बस्तर की सुंदर और समृद्ध लोक जीवन को दिखाया गया है। मुस्कान ने चटाई में आदिवासी लोक कला का प्रदर्शन किया है और घोटुल को दिखाया है। चित्र में दिखाया गया है कि बस्तर में घोटुल में अपने प्रियजनों को डिज़ाइनर कंघी देने की परंपरा थी। जितनी सुंदर कंघी होगी, प्रियजन को यह उपहार इतना ही पसंद आएगा।