द सीजी न्यूज

बालोद जिले के ग्राम जगन्नाथपुर में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान 3 साल की बच्ची वैष्णवी यादव को देखकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद बच्ची के पास पहुंचे और उसे पहचानते हुए कहा, अच्छा यही है वैष्णवी। उन्होंने बच्ची के परिजनों से बातचीत भी की और वैष्णवी द्वारा दिए गए फ्रेम तोहफे को स्वीकार किया। वैष्णवी अपने “कका” से मिलने के इंतजार में काफी देर तक बैठी थी। कका से मिलने के लिए भीड़ की धक्का-मुक्की देखकर वह रोने लगी थी। यह देखकर कका ने तत्काल उसे गोद में लेकर दुलारा। पिता दीपक यादव की गोद से उठाकर अपनी गोद में लेकर मुख्यमंत्री की नजर वैष्णवी की हथेली पर सजी मेहंदी भी देखने लगे – लिखा था मोर मयारू कका भूपेश बघेल।

मेहंदी देखकर उन्होंने कहा – वाह! बढ़िया मेहंदी सजाई हो। मोर से बिकट मया करथस का नोनी? यह सुनकर आसपास खड़े लोग ठहाके मारकर हंस पड़े। इससे पहले मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही गांव पहुंचा, वैष्णवी उनसे मिलने के लिए आतुर हो रही थी। बार-बार पिता के हाथ खींचते हुए मंच की ओर बढ़ने का इशारा करती थी। कार्यक्रम के अंत में स्वयं मुख्यमंत्री वैष्णवी से मिलने के लिए उनके पास पहुंचे और उसे पहचान भी गए। इस दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने मुख्यमंत्री से वैष्णवी को मिलवाते हुए कहा कि यह वही बेटी है।

पिता ने भेंट किया सीएम को फ्रेम, लिखा था पहुना ल मया के पाती, साथ में दिया अनूठा पत्र

इस दौरान पिता दीपक ने मुख्यमंत्री को बेटी वैष्णवी की ओर से एक फोटो फ्रेम भेंट किया जिसमें “पहुना ल मया के पाती” के साथ कका के लिए छत्तीसगढ़ी में शायरी लिखा था। इसके अलावा उन्होंने एक पत्र भी दिया जिसमें बेटी है तो कल है के उद्देश्य को बतलाया गया था। उन्होंने इस पत्र के जरिए मुख्यमंत्री से अपेक्षा भी की कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजन दिवस पर बेटी तिहार के रूप में भी मनाया जाना चाहिए। जैसे बेटियों के सम्मान में जगन्नाथपुर में मिट्टी के दीपक जलाए  जाते हैं वैसे हर गांव और शहर में होना चाहिए। उन्होंने पत्र के जरिए बताया कि समाज में बेटी बेटा के प्रति भेदभाव दूर होना चाहिए।

मुख्यमंत्री से वैष्णवी को उपहार के तौर पर मिला फ्रॉक, गुल्लक और पहाड़ा 

मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात के दौरान वैष्णवी को तोहफा भी मिला, जिसमें फ्रॉक, गुल्लक और पहाड़ा था। घर आते ही उसने वही फ्रॉक पहन लिया। सबको बताती रही कि उनके कका ने यह गिफ्ट दिया है।